Browsing Category
जीजीएन विशेष
मध्य प्रदेश डायरी : रवीन्द्र जैन
मध्य प्रदेश डायरी : रवीन्द्र जैन
दो पूर्व मुख्यसचिव चाहते हैं कांग्रेस सरकार!
मप्र के दो पूर्व मुख्यसचिव प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के सपने देख रहे हैं। यह रिटायर अफसर फिलहाल अपने अपने गृहराज्य में बस गये हैं। दोनों की…
क्या भारत-नेपाल के संबंध फिर से मधुर होंगे?
बलबीर पुंज
गत दिनों नेपाली प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड', चार दिवसीय दौरे (31 मई से 3 जून) पर भारत आए थे। वर्ष 2008 से तीन बार नेपाली प्रधानमंत्री के रूप में, घोषित तौर पर माओवादी प्रचंड की यह चौथी भारत यात्रा थी, जिसमें न केवल…
अयोध्यावासी पंडित देवीदीन पांडे, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर व बाबर का आतंक
प्रस्तुति -कुमार राकेश
अयोध्या में यहाँ की रियासतों ने खून दिया था राम मन्दिर के लिए ! पण्डित जी ने नेतृत्व किया था! 174000 लाशे गिरी थीं !
यह थे श्रीराम मंदिर रक्षक पण्डित देवीदीन पाण्डे।
पंडित देवीदीन जो सनेथू गांव अयोध्या के रहने…
यह सत्ता की असफलता का स्मारक है
रवीन्द्र जैन
मप्र की सत्ता में 18 वर्ष लगातार रहने के बाद भी राजधानी स्थित सचिवालय में आग बुझाने के इंतजाम नहीं कर पाये। आज भोपाल का सतपुडा भवन एक असफल सरकार का स्मारक जैसा दिखाई दे रहा है।
लगभग 20 हजार से अधिक फाइलें जलकर स्वाहा हो…
जन्म-दिवस विशेष- काकोरी कांड के नायक: पंडित रामप्रसाद बिस्मिल
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11जून। पंडित रामप्रसाद का जन्म 11 जून, 1897 को शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। इनके पिता श्री मुरलीधर शाहजहाँपुर नगरपालिका में कर्मचारी थे; पर आगे चलकर उन्होंने नौकरी छोड़कर निजी व्यापार शुरू कर दिया।…
ओडिशा रेल भिड़ंत: दुर्घटना या षडयंत्र?
ओडिशा रेल भिड़ंत: दुर्घटना या षडयंत्र?
आलोक लाहड
ओडिशा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना अत्यंत हृदय विदारक है और इस परिस्थिति में देश और नागरिक सभी एकजुट होकर इससे बाहर निकलने का पूरा प्रयस कर रहे हैं. पर ऐसी दुःख भरी घड़ी में भी…
सांगोल की जय हो!
सांगोल क्या है? और यह कहां से आया? इसकी सच्ची कहानी यह है। लॉर्ड माउंटबेटन ने नेहरू से पूछा की सत्ता के स्थानांतरण का कोई प्रतीक भारत में है? नेहरू को इसका ज्ञान नही था। उन्होंने सी राजगोपाला चारी, जिन्हे राजा जी के नाम से भी जाना…
छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक पर देश मे सालभर होंगे आयोजन
जय शिवा सरदार की-जय राणा प्रताप की...!! इस जयघोष के बगेर भगवा वाहिनी का दिन मुकम्मल नही होता हैं। शाखाओं पर ये जयघोष स्वयंसेवक में राष्ट्र निष्ठा-धर्म निष्ठा का प्राण फूंकता हैं।
बाबा आज गुड़ न दोगे
किसी गांव में छज्जूमल नाम का एक गुड़ बेचने वाला अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ रहता था।
.
उसकी पत्नी हर रोज गोपाल जी को भोग लगाती आरती करती उनका पूरा ध्यान रखती थी।
.
उधर छज्जूमल दूर गांव में जाकर गुड़ बेचता था। इसी तरह उनकी जिंदगी अच्छे…
महाभारत की वे महिलायें जिनके चित्त और ज्ञान के आगे बड़े बड़े महारथियों ने टेके मस्तक
महाभारत में या महाभारत काल में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। इस काल में महिलाएं जितनी स्वतंत्र थीं उतनी ही परतंत्र भी थी।