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जीजीएन विशेष
पाथेय-3- भारतीयता को जकड़ता शब्दों का भंवर जाल (9)
पार्थसारथि थपलियाल
अपने मंतव्य स्थापित करते भ्रामक शब्द - डॉ. वैद्य
स्थान था कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का सभागार। इस सभागार में पंचनद शोध संस्थान का दो दिवसीय मंथन शिविर चल रहा था। विद्वान वक्ताओं में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह…
मध्य प्रदेश डायरी-रवींद्र जैन
संस्कृति में भ्रष्टाचार!
मप्र संस्कृति विभाग के भ्रष्टाचार की आंच भाजपा और संघ नेताओं तक पहुंच रही है। इस आंच की तपन से सीएम हाऊस में बिठाये गए जिम्मेदार लोग भी नहीं बच पा रहे हैं। खास बात यह है कि इसका खुलासा संघ समर्थित अखबार स्वदेश…
अध्यक्ष बनने से क्यों इंकार कर रहे हैं राहुल?
’सिर्फ इसीलिए आंधियों ने हर मुमकिन तुझे डराया होगा
एक दीया रौशन जो तेरी आंखों में उसे नज़र आया होगा’
राहुल गांधी सुप्त प्रायः कांग्रेस में एक नई जान फूंकने की मशक्कत में जुटे हैं, ड्राईंग रूम से निकल कर कांग्रेसी नेतागण सड़क पर…
मंथन- पंचनद : विमर्श का सांगोपांग मंथन (5)
पार्थसारथि थपलियाल
पंचनद -क्षमता और दुर्बलता पर अध्यक्षीय संवाद
14 जून को पंचनद मंथन शिविर में पंचनद शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर बृजकिशोर कुठियाला चतुर्थ सत्र के प्रस्तोता थे। प्रोफेसर कुठियाला वयोवृद्ध ऊर्जावान-युवा हैं। इस…
मंथन- पंचनद : विमर्श का सांगोपांग मंथन (4)
पार्थसारथि थपलियाल
वैचारिक युद्ध के नए आयाम- मा. जे. नंदकुमार
14 जून को तीसरे सत्र का विषय था वैचारिक युध्द के नए आयाम। विशेषज्ञ वक्ता थे मा. जे.नंदकुमार। जे.नंदकुमार जी मूल रूप से आदि गुरु शंकराचार्य की जन्मभूमि केरल में जाये…
23 जून/जन्म-दिवस: कर्नाटक केसरी : जगन्नाथ राव जोशी
अजेय कुमार
भारतीय जनसंघ के जन्म से लेकर अपनी मृत्यु तक सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अलख देश भर में जगाने वाले, कर्नाटक केसरी के नाम से विख्यात श्री जगन्नाथ राव जोशी का जन्म कर्नाटक के नरगुंड गांव में 23 जून, 1920 को हुआ था। उनके पिताजी पर उस…
मंथन- पंचनद : विमर्श का सांगोपांग मंथन (3)
पार्थसारथि थपलियाल
उद्देश्य का ज्ञान होने पर भी केवल आगे दौड़ने का मतलब यह है कि आप सिर्फ उद्देश्य के लिए दौड़ते रहे। जैसा कुछ किताबों को पढ़ने के बाद उत्तम स्मृति का प्रदर्शन सफल व्यक्ति की पहचान बन जाती है लेकिन गौर करने की बात तो यह भी…
मिर्च-मसाला- जो सवाल वरुण ने उठाए, देश से मिला जवाब
त्रिदीब रमण
’यह एक चिराग भी आंधियों के खिलाफ ऐलान हो सकता है
सोई कौमें जाग जाएं तो हर बच्चा हिंदुस्तान हो सकता है’
भाजपा के अपने ही सांसद वरुण गांधी ने जब देश के करोड़ों बेरोजगार युवकों के हक की लड़ाई लड़ने का बीड़ा उठाया तो कम ही…
राष्ट्रप्रथम- आत्मनिर्भर बनते भारत पर वक्र दृष्टि
पार्थसारथि थपलियाल
रामचरितमानस में धनुषयज्ञ प्रकरण में धनुष टूट जाने के बाद परशुराम राजा जनक के दरबार मे पहुंच जाते हैं जहां सीता स्वयंवर आयोजित था। शिवजी के खंडित धनुष देखते ही परशुराम जब क्रोधाग्नि में आ गए। बोले- यह धनुष किसने…
राष्ट्रप्रथम- अस्त्युत्तरस्यां दिशि देवतात्मा
पार्थसारथि थपलियाल
पुराणों में वर्णित केदारखंड (गढ़वाल) और मानसखंड (कुमाऊं) क्षेत्र को समग्र रूप में उत्तराखंड कहा जाता है। 1947 में अंग्रेज़ी शासन से मुक्ति के बाद ब्रिटिश गढ़वाल भारत संघ में मिल गया। 1949 में टिहरी नरेश मानवेन्द्र…