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विश्लेषण
हमारी राजभाषा -राष्ट्र भाषा हिन्दी -जो है भारत के माथे की बिंदी!
*कुमार राकेश
हिन्दी को भारतीय संविधान में राजभाषा का दर्जा दिये जाने के बावजूद आज़ भी सरकारी काम काज में हिंदी उपेक्षित भाव में है -परंतु उर्दू या अन्य भाषा अपने भाव में हैं ।
हिंदी को और मज़बूत करने व प्रचलन में बढ़ावा देने के किए हमने…
*एक और चौंकाने वाला निर्णय, मोदी के मन से निकला नाम ‘मोहन’*
*के डी शर्मा*
भोपाल। एक बार फिर चौंकाने वाला निर्णय। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अपनी चौंकाने वाली परंपरा को कायम रखते हुए इस बार मध्यप्रदेश में लीक से हटकर एक चौंकाने वाला नाम दिया है। मुख्यमंत्री के रूप में मध्यप्रदेश में डॉ मोहन यादव…
“बाप” के विराट कद में दब गया “बेटे” का कद
नितिनमोहन शर्मा
चुनाव में जो लिखा, वो ही जिले की अमूमन सभी 9 सीटों पर घटा। ख़ुलासा फर्स्ट की इस कड़ी में आपको इंदौर जिले की सभी 9 विधानसभा क्षेत्रो में फिर ले चलते हैं। जानते है कैसे हुई जय, कैसे हुई पराजय। क्या कारण रहे कि उम्मीदवार जीती…
पोटली से स्वयं सेवा !
प्रस्तुति -:कुमार राकेश
भगवानजी ने जब इंसान की रचना की तो उसे दो पोटलियाँ दी।
निर्देशित किया कि एक पोटली को आगे की तरफ लटकाना और दूसरी को कंधे के पीछे पीठ पर। इंसान दोनों पोटलियां लेकर चल पड़ा।
हां!! भगवानजी ने उसे ये भी कहा था कि आगे…
मुर्ग़े की मज़बूरी, क्या है ज़रूरी?
*प्रस्तुति -कुमार राकेश
एक आदमी एक मुर्गा खरीद कर लाया...
एक दिन वह मुर्गे को मारना चाहता था इसलिए उस ने मुर्गे को मारने का बहाना सोचा और मुर्गे से कहा:- तुम कल से बाँग नहीं दोगे,नहीं तो मै तुम्हें मार डालूँगा।
मुर्गे ने कहा:-…
स्वास्थ्य-चौपाल- समग्र स्वास्थ्य विकसित भारत की कुंजी
आशुतोष कुमार सिंह
आकाशवाणी पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने ‘नई सोच नई कहानी’ नामक एक नया कार्यक्रम शुरू किया है। सरकार द्वारा चलाए गए विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से श्रीमती ईरानी प्रत्यक्षतः आकाशवाणी के स्टूडियों…
यह ‘नफरत की दुकान’ क्यों?
-बलबीर पुंज
मंगलवार (5 दिसंबर) को आई.एन.डी.आई. गठबंधन के महत्वपूर्ण अंग द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) सांसद डीएनवी सेंथिल कुमार ने लोकसभा में हिंदी भाषी राज्यों को ‘गौमूत्र प्रदेश’ कहकर संबोधित किया। इसी वर्ष सितंबर में इसी द्रमुक के अन्य…
19 नवंबर/अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस पर विशेष – पुरुष बिना स्त्री अधूरी हैं …
*श्रेष्ठा जोशी
पुरुष अर्थात पिता ,भाई ,पति, मित्र, बेटा... वास्तव में हमारे जीवन के वे स्तंभ हैं,जिनके बिना हर स्त्री अधूरी हैl इन रिश्तो में एक से अधिक रिश्ता जाने अनजाने हर स्त्री को मिलता ही है।
पुरुष समाज से जो सुरक्षा, सम्मान…
कब तक नेहरू-गांधी की अंध पूजा?
डॉ शंकर शरण
हमारे देश की पाठ्य-पुस्तकों में जवाहरलाल नेहरू का गुण-गान होते रहना कम्युनिस्ट देशों वाली परंपरा की नकल है। अन्य देशों में किसी की ऐसी पूजा नहीं होती जैसी यहाँ गाँधी-नेहरू की होती है। अतः जैसे रूसियों, चीनियों ने वह बंद किया,…
ठेंगड़ी की कम्युनिस्ट को समाप्त होने को भविष्यवाणी सच साबित हुई ..
मयूर भाई जोषी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक एवं देश में मज़दूर आंदोलनों के प्रणेता व स्वदेशी जागरण मंच सहित विभिन्न संगठनों के शिल्पकार राष्ट्रऋषि श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी की जन्मजयंती पर शत शत नमन !
श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी का…