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विचार
जाको रही भावना जैसी-ईश्वरीय भक्ति के लिए या योगी आदित्यनाथ के लिए
*कुमार राकेश
भारत ही नहीं समस्त संसार में महाकुम्भ का माहौल हैं। भारत के अलावा संसार के कोने कोने से सनातनी हिन्दू 144 वर्षो के इस महासंयोग में स्वयं को पुण्य का भागी बनने के लिए प्रयागराज पहुँच रहे हैं।26 फ़रवरी 2025 तक 45 दिनो का…
सनातन हिंदुत्व धर्म,महाकुंभ स्नान के सही मायने !
कुमार राकेश
महाकुंभ स्नान का धार्मिक व्यू सामाजिक महत्व दोनों हैं ।लेकिन इसके पुण्य लाभ को कैसे प्राप्त करे , उसके लिए अपना सनातन हिंदुत्व दर्शन ही सार है । सनातन हिंदुत्व
का मतलब है वसुधैव कुटुंबकम् !
सबका साथ , सबका विकास ! समाज…
मंदिर मुक्ति आंदोलन की रणनीति के साथ महाकुंभ में संपन्न हुई विहिप की त्रि-दिवसीय बैठक
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,10 फरवरी। महाकुंभ शिविर, प्रयागराज। फरवरी 9, 2025। महाकुंभ मेला क्षेत्र स्थित विश्व हिंदू परिषद (विहिप) शिविर में चल रही त्रि-दिवसीय बैठक रविवार को इस संकल्प से साथ पूरी हो गई कि अब किसी भी स्थिति में हम मंदिरों…
प्राचीन भारतीय खेल
विविध क्षेत्रों में, विविध आयामों में कभी हम विश्व में सर्वश्रेष्ठ थे, इस पर अधिकतर भारतीयों का विश्वास ही नहीं हैं। यह हमारा दुर्भाग्य हैं।
खेलों के बारे में भी यही सोच है। विश्व का पहला और सबसे प्राचीन स्टेडियम भारत में हैं, यह हमने…
सनातन धर्म के संरक्षण हेतु परिचर्चा में शामिल होंगे स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज
महाकुंभनगर, प्रयागराज।,25 जनवरी। सनातन धर्म के संरक्षण एवं विस्तार को समर्पित महर्षि संस्थान द्वारा महर्षि आश्रम, संगमतट, अरैल प्रयागराज में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है। इस परिचर्चा का विषय "सनातन धर्म के संरक्षण के…
76वें गणतंत्र दिवस पर विकसित भारत का सूत्र: उद्यमिता की रानी नीडोनॉमिक्स
प्रो. मदन मोहन गोयल
हम 26 जनवरी 2025 को 76वें गणतंत्र दिवस का उत्सव मना रहे हैं, ऐसे में भारत 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट (आवश्यकताओं की अर्थव्यवस्था) एक…
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष “इंडिया जो भारत है वह संप्रभुता संपन्न लोकतांत्रिक गणतंत्र…
यह सर्वविदित है कि भारतीय स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष को हम भारतवासियों ने “आजादी के अमृत महोत्सव” के रूप में मनाया। यह महोत्सव आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के 75 सप्ताह पूर्व ही…
25 जनवरी**:राष्ट्रीय मतदाता दिवस की उपयोगिता
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है यहां की संघीय सरकार 5 वर्ष के अंतराल में चुनाव के माध्यम से चुनी जाती है । देश के नागरिक इस चुनावी प्रक्रिया में सीधी तौर पर भाग लेते हैं ।…
जैसे भगवान शिव, वैसे ही उनके भक्त भी !!
जगत−जननी मां पार्वती ने एक भूखे भक्त को श्मशान में चिता के अंगारों पर रोटी सेंकते देखा तो उनका कलेजा मुँह को आ गया। वह दौड़ी−दौड़ी ओघड़दानी शंकर के पास गयीं और कहने लगीं-- "भगवन्! मुझे ऐसा लगता हैं कि आपका कठोर हृदय अपने अनन्य भक्तों की…
समर्पण और सेवा के प्रतीक डॉ. ओमप्रकाश मैंगी: संघ कार्य और समाजसेवा में अविस्मरणीय योगदान
संघ के निष्ठावान कार्यकर्ता डा. ओमप्रकाश मैंगी का जन्म 16 जनवरी 1918 को जम्मू में एक समाजसेवी श्री ईश्वरदास जी के घर में हुआ था। सामाजिक कार्यों में सक्रिय पिताजी के विचारों का प्रभाव ओमप्रकाश जी पर पड़ा। प्रारम्भिक शिक्षा जम्मू, भद्रवाह और…