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विचार

अकबर साहेब ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की गुजरात से लेकर विश्व नेता बनने तक की यात्रा को दर्शाया…

केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज नई दिल्ली में नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में जाने-माने चित्रकार अकबर साहेब की पेंटिंग्‍स की एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

बन्दा वीर बैरागी- हिरणी से लेकर वीरगति तक की कहानी

बन्दा बैरागी का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 को ग्राम तच्छल किला, पुंछ में श्री रामदेव के घर में हुआ। उनका बचपन का नाम लक्ष्मणदास था। युवावस्था में शिकार खेलते समय उन्होंने एक गर्भवती हिरणी पर तीर चला दिया। इससे उसके पेट से एक शिशु निकला और तड़पकर…

 🕉️ सनातन हिंदू संस्कृति व पूजा विधान 🕉️

अगर आप सनातन हिंदू संस्कृति के मुताबिक पूजा पाठ करते हैं, तो आपके कानों में इससे संबंधित कुछ खास शब्द जरुर पड़ते होंगे. आईए जानते हैं कि सनातन वैदिक-हिंदू परंपरा के मुताबिक पूजा पाठ में काम आने वाले इन 27 शब्दों का अर्थ➖:

ऋषि सुनक की आधिकारिक वंशावली

सुनक गुजरांवाला के एक पंजाबी खत्री परिवार के हैं, जो अब पाकिस्तान में है । ऋषि सुनक के दादा रामदास सुनक ने 1935 में नैरोबी में क्लर्क के रूप में काम करने के लिए गुजरांवाला छोड़ दिया था ।

ये वतन हमारी माँ है ……

प्रख्यात कहे जाने वाले व बदक़िस्मती से भारत में पैदा हुए कवि राहत इंदौरी ने लिखा था कि-"सभी का खून है शामिल है,यहाँ की मिट्टी में,किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है." राहत ने जिस दुर्भावना के साथ ये लिखा था,उसका माकूल और खूबसूरत जवाब "बेचैन…

कांग्रेस और वामपंथियों का कंधा आप को सिर्फ़ अमानुष और वोट बैंक बनाता है

भारत में अगर हिंदू-मुस्लिम भाई चारा जो सचमुच होता , गंगा-जमुनी तहज़ीब का जो अस्तित्व होता तो अयोध्या में राम जन्म-भूमि , काशी में विश्वनाथ मंदिर , मथुरा में कृष्ण जन्म-भूमि जैसे विवाद चुटकी बजाते ही खत्म हो जाते। पर यह भाई-चारा , गंगा-जमुनी…

 हीरे की तमन्ना में पन्ना में मिले मिट्टी छानते लोग ..

वो नजारा ही ऐसा था जो आप दूर बैठ कर कल्पना ही नहीं कर सकते। जब पहली बार पता चला कि पन्ना की रूंझ नदी में बन रहे बांध के पास हीरे तलाशने वालों की भीड लग रही है तो सोचा कि कुछ दिनों के लिये कुछ लोग आ गये होंगे जिनको बाद में वन विभाग ने खदेडा…

 प्रशांत किशोर की बिहार जन यात्रा का मक़सद ??

प्रशांत किशोर की पद यात्रा का मक़सद धीरे-धीरे साफ़ होता जा रहा है. बिहार की दोनों ख़ेमों की राजनीति से अलग एक नई राजनीति की शुरुआत के मक़सद से शुरू की गई यह पद यात्रा नीतीश विरोध की राजनीति में बदलती जा रही है.