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संस्कृति
क्रोध से दूर रहे !
एक संत भिक्षा में मिले अन्न से अपना जीवत चला रहे थे। वे रोज अलग-अलग गांवों में जाकर भिक्षा मांगते थे। एक दिन वे गांव के बड़े सेठ के यहां भिक्षा मांगने पहुंचे। सेठ ने संत को थोड़ा अनाज दिया और बोला कि गुरुजी मैं एक प्रश्न पूछना चाहता हूं।
भारत की राष्ट्रपति ने भोपाल में ‘उन्मेष’ और ‘उत्कर्ष’ उत्सवों का किया…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव-'उन्मेष' और लोक और जनजातीय कला महोत्सव- 'उत्कर्ष' का उद्घाटन किया।
ऐसे हैं हमारे “सनातन हिंदू धर्म” के आधार स्तंभों में से एक जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी…
प्रस्तुति- कुमार राकेश
"एक बालक जिसने 3 साल की उम्र में अपनी पहली कविता लिख दी। एक बालक जिसने 5 साल की उम्र में पूरी श्रीमदभगवत गीता के 700 श्लोक विद चैप्टर और श्लोक नंबर के साथ याद कर लिए।"
एक बालक जिसने 7 साल की उम्र में सिर्फ 60…
लोगों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों का आधार सूफीवाद ही है- मनोज सिन्हा
केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कल श्रीनगर में सूफीवाद-समुदायों के बीच सेतु विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लिया।
वर्तमान में जी20 की अध्यक्षता के दौरान भारत संस्कृति को नीति निर्माण के केंद्र में रखने का प्रयास कर…
संस्कृति और विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 2023 में ब्रिक्स की वर्तमान अध्यक्षता के दौरान 20-21 जुलाई, 2023 को म्पुमलंगा में दक्षिण अफ्रीका द्वारा आयोजित ब्रिक्स संस्कृति ट्रैक बैठक में…
ईमानदारी के मिसाल -आर्य
यह घटना सन् 1947 में भारत के विभाजन से पूर्व की है। आर्यसमाज के विद्वान एवं शास्त्रार्थ महारथी पं. लोकनाथ तर्कवाचस्पति एक गांव में प्रचारार्थ आये थे। वहां बिजली नहीं थी।
गोमुख के अद्धभुत रहस्य
गोमुख का मार्ग बहुत विकट है। सड़क तो क्या कोई पगडंडी भी नहीं है। ऊबड़ खाबड़ पड़े हुए पत्थरों पर चलना पड़ता है, वैसे अब कुछ दूर तक मार्ग बन गया है।
कलात्मक व्यंग का बेहतरीन उदाहरण है विवादित फिल्म ‘72 हूरें’…पिछले चार साल से डिब्बाबंद थी मूवी
'72 हूरें' टाइटिल ही ऐसा था कि थिएटर वाले रिलीज करने को तैयार नहीं थे, इसलिए ये मूवी पिछले चार साल से डब्बे में बंद पड़ी थी। कहा जाता है कि ओटीटी वाले भी मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करने वाले टाइटिल की इस मूवी को रिलीज करने को राजी नहीं थे।
प्रेरक कहानी: भगवान की कृपा को समझिए
एक व्यक्ति काफी दिनों से चिंतित चल रहा था जिसके कारण वह काफी तथा तनाव में रहने लगा था। वह इस बात से परेशान था कि घर के सारे खर्चे उसे ही उठाने पड़ते हैं, पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के ऊपर है, किसी ना किसी रिश्तेदार का उसके यहाँ आना जाना…
महामृत्युंजय मंत्र के 33 अक्षर है 33 कोटि देवताओं के द्योतक…
महामृत्युंजय मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि
वशिष्ठ के अनुसार 33 कोटि(प्रकार) देवताओं के द्योतक हैं
उन तैंतीस देवताओं में 8 वसु 11 रुद्र और 12 आदित्य 1 प्रजापति तथा 1 वषट्कार हैं।
इन तैंतीस कोटि देवताओं की सम्पूर्ण शक्तियाँ महामृत्युंजय…