Browsing Category
जीजीएन विशेष
मतांतरण को ‘सेकुलर’ कवच कबतक?
-बलबीर पुंज।
"जबरन मतांतरण करना न केवल मजहबी स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है, अपितु यह देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है।" यह वक्तव्य न ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का है और न ही किसी भाजपा नेता या फिर मोदी सरकार का। यह टिप्पणी 14…
तेजप्रताप की जगह डिंपल क्यों उतरीं मैदान में?
त्रिदीब रमण।
’घर-घर में आज भी चल रही राम कथा है
विभीषण जिंदा है, सीता की वही पुरानी व्यथा है’
यादव परिवार की इस चिंता ने कि ‘घर का भेदी अगर लंका ढाह सकता है’ तो फिर मैनपुरी का उप चुनाव किस खेत की मूली है, इस ख्याल ने अखिलेश को सपा…
अब और नहीं, श्रद्धा……उनका श्राद्ध होगा ……
*कुमार राकेश
———————-
ज़रा सोचिए -
श्रद्धा कौन थी?
क्यों मारी गयी?
कौन ज़िम्मेदार ?
मेरा मानना है ,
श्रद्धा की मौत के लिए ,
हम सब है ज़िम्मेदार ,
हम हिंदू ,
हमारा लचर ,
मुस्लिम परस्त क़ानून
व हमारा ढुल-मूल संविधान-
देखिए सब लोग…
19 नवम्बर जन्म-दिवस- खूब लड़ी मर्दानी वह तो रानी लक्ष्मीबाई थी
भारत में अंग्रेजी सत्ता के आने के साथ ही गाँव-गाँव में उनके विरुद्ध विद्रोह होने लगा; पर व्यक्तिगत या बहुत छोटे स्तर पर होने के कारण इन संघर्षों को सफलता नहीं मिली। अंग्रेजों के विरुद्ध पहला संगठित संग्राम 1857 में हुआ। इसमें जिन वीरों ने…
थैंक यु, मि. गोडसे
डॉ. शंकर शरण
नाथूराम गोडसे के नाम और उनके एक काम के अतिरिक्त लोग उन के बारे में कुछ नहीं जानते। एक लोकतांत्रिक देश में यह कुछ रहस्यमय बात है। रहस्य का आरंभ 8 नवंबर 1948 को ही हो गया था, जब गाँधीजी की हत्या के लिए चले मुकदमे में गोडसे…
शत-शत नमन 17 नवम्बर/पुण्य-तिथि, हिन्दू जागरण के सूत्रधार अशोक सिंघल जी।
श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के दौरान जिनकी हुंकार से रामभक्तों के हृदय हर्षित हो जाते थे, वे श्री अशोक सिंहल संन्यासी भी थे और योद्धा भी; पर वे स्वयं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक प्रचारक ही मानते थे।
राष्ट्र-चिंतन-भाजपा के ब्राम्हणवाद से हारेगा केजरीवाल
ब्राम्हण 45, जाट 34, राजपूत 22, गुर्जर 17, पंजाबी 31 , वैश्य 21और पिछडे वर्ग को पांच टिकट, ये आकंडे भाजपा के दिल्ली नगर निगम चुनाव में घोषित उम्मीदवारों के हैं। इन आंकड़ो के देखने के बाद यह प्रतीत होता है कि भाजपा जातिवाद की मिसाइल से…
पंजाब में बंदूकवाद का यह कैसा उपचार?
कितनी बड़ी विडंबना है कि जब 13 नवंबर को पंजाब में 'आप' सरकार ने शस्त्रों/हिंसा के सार्वजनिक प्रदर्शन/महिमामंडन पर प्रतिबंध लगाया, तब उसी कालखंड में दो ऐसी घटनाएं सामने आई— जिसने इस आदेश की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया। 12 नवंबर को…
15नवंबर- जनजातीय गौरव दिवस विशेष- वीरांगना रानी दुर्गावती
इनका जन्म 5 अक्टूबर, 1524 ईस्वी को हुआ था। ये अंग्रेजों के शासन से कई 3 सदी पहले की वीरांगना थीं। मध्य प्रदेश के गोंडवाना में उनका शासन था। जिस गढ़मंडला राज्य पर उनका शासन था, उसका केंद्र जबलपुर में था। उनके पति गौड़ राजा दलपत शाह की…