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विश्लेषण

*पाकिस्तान को -न कफन नसीब न कब्रिस्तान*

भारत के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल ने 1947 में पाकिस्तान पर व्यंग्य कसते हुए कहा था कि जिन्ना पाकिस्तान को जन्नत बनाना चाहते हैं ठीक है जब पश्चिम से हवा पूर्व की तरफ चलेगी तो जन्नत की थोड़ी सुगंध हमें भी मिल जाएगी !

 भूख वाले झूठ…..!

हंगामा कटा हुआ है के हाय हाय भारत में भूख से बदतर हाल है लगातार हम ग्लोबल हंगर इंडेक्स में नीचे आरहे हैं...

कब आजाद होंगे गुलाम ख्यालातों से?

त्रिदीब रमण  ’बरसों तेरे दर पर इस कदर गुलाम आस्थाओं की चाकरी की है कि आज आज़ाद का तखलुस भी मेरे कुछ काम नहीं आ पा रहा’ 24 अगस्त को सोनिया गांधी अपने दोनों बच्चों राहुल और प्रियंका के साथ इटली पहुंची, जहां उनकी बीमार मां पाओला माइनो की…

गुलाम नबी: जम्मू- कश्मीर में क्या सियासी गुल खिला पाएंगे ?

उम्र के आखिरी दौर में अपनी मूल पार्टी कांग्रेस छोड़ने के बाद वरिष्ठ राजनेता गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस के बारे में दिलचस्प टिप्पणी की वह ‘डॉक्टर के बजाय कंपाउंडर से दवा ले रही है।‘ मतलब साफ है कि कंपाउंडर की दवा से कांग्रेस के लाइलाज मर्ज…

शराब घोटाले के तार तेलांगना से क्यों जुड़े हैं?

 त्रिदीब रमण  ’एक दिन तुम मुझे छोड़ कर बहुत आगे निकल जाओगे बुना है जो रिश्ता दिलों का लेकर इसके धागे निकल जाओगे’ प्रचार और कथित ईमानदारी की धीमी आंच पर पकती दिल्ली की सियासत पर जब से शराब के छींटे पड़े हैं इसकी लपटें धू-धू कर…

विश्व हिन्दू परिषद के अट्ठावन वर्ष और सामाजिक समरसता

हिन्दू समाज की एकता व अखंडता को तार-तार कर उसे जातिवादी, क्षेत्रवादी, भाषावादी व मत-पंथ-संप्रदाय वादी विभेदों में बाँट कर ही मुगलों ने और फिर अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया। विपत्ति चाहे अनगिनत आईं किन्तु, यहाँ के बहुसंख्यक हिन्दू समाज में…

Modi@20 पुस्तक मोदी जी के व्यक्तित्व के अनेक आयामों से परिचय करवाती है- पीएम मोदी

इस अवसर पर अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी जी के व्यक्तित्व और उनके 50 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को कुछ शब्दों और पलों में समाहित करना बेहद कठिन है। मोदी@20 का मतलब है उनके गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर आज तक का समय।