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विश्लेषण
कितना बदला जम्मू-कश्मीर?
बलबीर पुंज
जम्मू-कश्मीर से धारा 370-35ए के संवैधानिक क्षरण को शुक्रवार (5 अगस्त) को तीन वर्ष पूरे हो जाएंगे। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि घाटी में इस दौरान क्या-क्या बदला है? एक विकृत वर्ग कुछ हालिया जिहादी घटनाओं को आधार बनाकर…
दीदी के राज में ग़रीब बेहाल पर उनके नेता मालामाल, ये कैसी राजनीति, ये कैसा कमाल ?
स्निग्धा श्रीवास्तव
कहा जाता है ना बाप बड़ा, ना भैय्या सबसे बड़ा रूपया.......और राजनीति ऐसी चीज है जिसमें कुछ मिले ना मिले घोटाले पैसा कमाने के रास्ते बहुत मिलते है। लेकिन जनता की मेहनत की कमाई को मंत्री इतनी आसानी से डकार मार लें ..यह…
अरूण सिंह ले सकते हैं जेपी नड्डा की जगह
सियासत अक्सर महत्वाकांक्षाओं की गीली मिट्टी से ही आकार पाती है, पर कभी-कभी इस मिट्टी की तासीर इतनी अलग होती है कि वह कुम्हार रूपी जनता को भी चक्कर में डाल देती है।
व्यंग-विनोद: द्वारपाल का सपना
यमराज- द्वारपाल! कुबेर को शक हो गया है कि उनके राजस्व में कमी आ गई है। अश्वनी कुमारों ने कुबेर को जो खुफिया रिपोर्ट भेजी है उसमें शक की सुई हमारे डिपार्टमेंट की ओर है। कारण बताओ! नही तो तुम्हे अभी…
राजधर्म- मध्यमवर्ग के लिए बेदर्द जी एस टी कौंसिल
कल न्यूज़ चैनल पर यह समाचार चौंकाने वाला था कि दूध, दही, छांछ, पनीर, गेंहू, चावल, दाल, मुरमुरे, नमक, पेंसिल, रबर, शार्पनर आदि को जी इस टी कौंसिल वस्तु एवं सेवा कर (जी एस टी) के अंदर ले आई है। अब इन उत्पादों पर 5 प्रतिशत GST लगेगा। यह…
छत्तीसगढ़ देश का सबसे ज्यादा गरीब, दिन के 32 रुपये भी खर्च नहीं कर पाते लोग
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22जुलाई। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे आते हैं। ग्रामीण इलाके में रहने वाला जो व्यक्ति हर दिन 26 रुपये और शहर में रहने वाला व्यक्ति 32…
देश के समक्ष राष्ट्रवाद की आड़ में साम्प्रदायिकता रुपी गंभीर चुनौती…..
शिवानन्द तिवारी।
भारतीय मूल के ऋषि सुनक जिनको अपने हिंदू होने का गर्व है, इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं. इंग्लैंड ईसाइयों का देश है. वहां हिंदुओं की आबादी मात्र 1.5 प्रतिशत है. उस समाज में ऋषि सुनक अपना धार्मिक…
क्या है दिल्ली में भाजपा का ’मास्टर स्ट्रोक’
त्रिदीब रमण।
’बात इतनी सी थी मगर बता नहीं पाए
गैरों के आगे तुझे गले लगा नहीं पाए
शहर में इन दिनों काफिरों की आवाज़ाही है बहुत
क्यों तुम्हें खुदा अपना बना नहीं पाए’
सवाल यह लाख टके का है कि क्या केजरीवाल की दिल्ली उनकी मुट्ठियों से…
अध्यक्ष बनने से क्यों इंकार कर रहे हैं राहुल?
’सिर्फ इसीलिए आंधियों ने हर मुमकिन तुझे डराया होगा
एक दीया रौशन जो तेरी आंखों में उसे नज़र आया होगा’
राहुल गांधी सुप्त प्रायः कांग्रेस में एक नई जान फूंकने की मशक्कत में जुटे हैं, ड्राईंग रूम से निकल कर कांग्रेसी नेतागण सड़क पर…