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विश्लेषण
पंजाब में बंदूकवाद का यह कैसा उपचार?
कितनी बड़ी विडंबना है कि जब 13 नवंबर को पंजाब में 'आप' सरकार ने शस्त्रों/हिंसा के सार्वजनिक प्रदर्शन/महिमामंडन पर प्रतिबंध लगाया, तब उसी कालखंड में दो ऐसी घटनाएं सामने आई— जिसने इस आदेश की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया। 12 नवंबर को…
पहचान हिंदुत्व की / भाग-2
रविवार, दिनांक 17 अगस्त 2017. गणेशोत्सव का तीसरा दिन है. स्पेन के सुदूर दक्षिणी भाग में, मोरक्को की सीमा के पास, अफ्रीका महाद्वीप में, स्पेन का एक स्वशासी (ऑटोनोमस) शहर है, जिसका नाम है ‘क्यूटा’ (Ceuta). इस शहर में कुछ सिंधी भाषी हिन्दुओं…
🌹दान की महिमा 🌹
एक भिखारी सुबह-सुबह भीख मांगने निकला। चलते समय उसने अपनी झोली में जौ के मुट्ठी भर दाने डाल दिए, इस अंधविश्वास के कारण कि भिक्षाटन के लिए निकलते समय भिखारी अपनी झोली खाली नहीं रखते। थैली देखकर दूसरों को भी लगता है कि इसे पहले से ही किसी ने…
लोकमंथन (23) लोक परम्पराओं में पर्यावरण और जल संरक्षण
24 सितंबर 2022 को एक महत्वपूर्ण सत्र भारतीय लोक परम्पराओं में पर्यावरण और जल संरक्षण पर केंद्रित था। जल सृष्टि के पंच महाभूत तत्वों में से एक है। वैसे तो धरती का 70 प्रतिशत भाग जल से ही भरा है लेकिन यह पीने योग्य नही है।
नशामुक्ति बहाना, ध्येय राजनीतिक दुकान चमकाना
नशामुक्ति के नाम पर शराबबंदी राजनीति का फैशन बन गया है। सत्ता में हिस्सेदारी से वंचित राजनेता शराबबंदी को अपना हथियार बनाते देखे जा सकते हैं। महात्मा गांधी के गुजरात और बिहार में सरकारी स्तर पर तो शराब बंदी लागू है लेकिन दोनों राज्यों में…
संस्कृति-लोकमंथन (19)- लोक परंपरा में वाद्य संस्कृति
(21 सितंबर से 24 सितंबर 2022 तक श्रीमंता शंकरदेव कलाक्षेत्र गोहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा तीसरे लोकमंथन का आयोजन किया गया। प्रस्तुत है लोकमंथन की उल्लेखनीय गतिविधियों पर सारपूर्ण श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुति)
संस्कृति : लोकमंथन (18)- भारत में कृषि एवं खाद्य परम्पराएं -3
हाल ही में 21 सितंबर से 24 सितंबर 2022 तक श्रीमंता शंकरदेव कलाक्षेत्र गोहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा तीसरे लोकमंथन का आयोजन किया गया। प्रस्तुत है लोकमंथन की उल्लेखनीय गतिविधियों पर सारपूर्ण श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुति
अरविंद केजरीवाल ने हिमाचल विधानसभा चुनाव में आखिर आत्मसमर्पण क्यों किया?
हिमाचल प्रदेश और गुजरात के विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को मतदान होने वाला है, जबकि गुजरात में चुनाव की घोषणा भी जल्द हो जाने की उम्मीद है.
ऋषि सुनक की आधिकारिक वंशावली
सुनक गुजरांवाला के एक पंजाबी खत्री परिवार के हैं, जो अब पाकिस्तान में है । ऋषि सुनक के दादा रामदास सुनक ने 1935 में नैरोबी में क्लर्क के रूप में काम करने के लिए गुजरांवाला छोड़ दिया था ।