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विश्लेषण

राष्ट्रप्रथम- देशद्रोह या राजद्रोह – केवल राजगद्दी का मोह

पार्थसारथि थपलियाल भारतीय समाज में सास बहू के झगड़े बिल्कुल ऐसे ही रहे हैं जैसी आधुनिक राजनीति। अपना मौका मिलते ही परिभाषाएं भी बदल जाती हैं, आचरण भी बदल जाता है। यह उस धारणा के आलोक में है जिस धारणा में अंग्रेजों के शासन काल में 1870…

मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन

पूर्व सीबीआई डायरेक्टर ने लांच की ज्योतिष वेबसाइट देश के पूर्व सीबीआई डायरेक्टर आरके शुक्ला ने रिटायरमेंट के बाद शेष जीवन ज्योतिष के रहस्यों को खोजने और उसके सकारात्मक उपयोग में लगाने का निर्णय…

पहचानिए कौन है यह शख्स?

त्रिदीब रमण  ’न जाने कितनी आंखों में नश्तर सा चुभता है तू सज़रे-बहारा में क्या ईंट-पत्थर सा रहता है तू’ कहते हैं नाम में क्या रखा है, आज हम जिस शख्स की कहानी यहां बयां करने वाले हैं, एक समृद्ध विरासत की दावेदारी के बावजूद भगवा…

क्या भविष्य की सांस्कृतिक आहट है ‘बुलडोजर’ ?

अजय बोकिल संवेदनशील कवि बसंत सकरगाए ने अपनी ताजा कविता में एक बुलडोजर-सा सवाल उठाया है- अब, जबकि एक यंत्र बाक़ायदा शामिल हो चुका है तथाकथित धर्मयुद्ध के षड्यंत्र में जैसे हमारा राष्ट्रीय पशु बाघ है राष्ट्रीय पक्षी मोर हॉकी राष्ट्रीय…

मध्य प्रदेश डायरी : रवीन्द्र जैन

*रवीन्द्र जैन *जब रात एक बजे सीएम ने एसीएस को हड़काया! रविवार देर रात पीएचई विभाग के अपर मुख्य सचिव अपने घर गहरी नींद में सो रहे थे, अचानक रात एक बजे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एक फोन ने अपर मुख्य सचिव सहित पूरे पीएचई महकमे को…

चिंतन- माल-ए- मुफ्त दिले बेरहम

पार्थसारथि थपलियाल पराई बारात में प्रीति भोज का आनंद लोग अप्रिय ढंग से करते हैं। प्लेट में भर भर कर जमा कर लेंगे, खा नही पाए तो उसे छोड़ दिया दूसरी प्लेट उठा ली। सौ रुपये का लिफाफा अभी देना है। खाना तो सभी टेस्ट करना ही होगा। न…

चिंतन- न्याय के गोलू देवता से बिना फीस न्याय पाने की अपील

पार्थसारथि थपलियाल यह बड़ा पेचीदा मामला है। तलवार दुधारी है। समाज मे रहते हुए में न्याय पर बात की जाय तो मुश्किल यह है कि हमारी देव तुल्य पवित्र न्याय व्यवस्था शनि का रूप धारण कर सकती है। और न्याय व्यवस्था पर कोई बात न कि जाय तो…

राजस्थान में सनातन संस्कृति की ग्रिलिंग

पार्थसारथी थपलियाल। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के ही भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भैरों सिंह शेखावत के बाद अत्यंत लोकप्रिय मुख्यमंत्री रहे। किसी भी व्यक्ति की कोई कठिनाई हो वे उसे जरूर सुनते और जरूरतमंद की भरसक…

क्या कांग्रेस की सारी पीड़ा हर लेंगे पीके

  ’कितनी मुद्दत से सोए नहीं हो तुम सारा हम हिसाब छोड़ आए हैं ज़िद करके हम भी तुम्हारी आंखों में चंद ख्वाब छोड़ आए हैं’ पिछले कुछ दिनों के अंतराल में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की गांधी…

बड़े बेआबरू होकर निकले तेरे कूचे से

तेरे कूचे से अपनी याराना पुरानी कहां काम आई निकाले गए ऐसे जैसे तुझसे कोई नाता न था हरजाई’ बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा को हाईकमान ने यूं अचानक 14 अप्रैल को दिल्ली तलब कर उनसे…