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व्यक्तित्व

धर्म रक्षा के लिए गुरु तेगबहादुर जी का बलिदान

एक बार सिखों के नवें गुरु श्री तेगबहादुर जी हर दिन की तरह दूर-दूर से आये भक्तों से मिल रहे थे। लोग उन्हें अपनी निजी समस्याएँ तो बताते ही थे; पर मुस्लिम अत्याचारों की चर्चा सबसे अधिक होती थी।

सप्त चिरंजीवी और ऋषि मार्कंडेय

हमारे धर्मग्रंथो में एक श्लोक है:- अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः। कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविनः॥ सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं सोपि सर्वव्याधिविवर्जित।।

🌹दान की महिमा 🌹

एक भिखारी सुबह-सुबह भीख मांगने निकला। चलते समय उसने अपनी झोली में जौ के मुट्ठी भर दाने डाल दिए, इस अंधविश्वास के कारण कि भिक्षाटन के लिए निकलते समय भिखारी अपनी झोली खाली नहीं रखते। थैली देखकर दूसरों को भी लगता है कि इसे पहले से ही किसी ने…

स्वयं को न कोसे,स्वयं पर भरोसा रखे !

*संतों की एक सभा चल रही थी... किसी ने एक दिन एक घड़े में गंगाजल भरकर वहां रखवा दिया ताकि संत जन जब प्यास लगे तो गंगाजल पी सकें... संतों की उस सभा के बाहर एक व्यक्ति खड़ा था. उसने गंगाजल से भरे घड़े को देखा तो उसे तरह-तरह के विचार आने…

अकबर साहेब ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की गुजरात से लेकर विश्व नेता बनने तक की यात्रा को दर्शाया…

केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज नई दिल्ली में नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में जाने-माने चित्रकार अकबर साहेब की पेंटिंग्‍स की एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

बन्दा वीर बैरागी- हिरणी से लेकर वीरगति तक की कहानी

बन्दा बैरागी का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 को ग्राम तच्छल किला, पुंछ में श्री रामदेव के घर में हुआ। उनका बचपन का नाम लक्ष्मणदास था। युवावस्था में शिकार खेलते समय उन्होंने एक गर्भवती हिरणी पर तीर चला दिया। इससे उसके पेट से एक शिशु निकला और तड़पकर…

ऋषि सुनक की आधिकारिक वंशावली

सुनक गुजरांवाला के एक पंजाबी खत्री परिवार के हैं, जो अब पाकिस्तान में है । ऋषि सुनक के दादा रामदास सुनक ने 1935 में नैरोबी में क्लर्क के रूप में काम करने के लिए गुजरांवाला छोड़ दिया था ।