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विचार
गुस्ताखी माफ़ हरियाणा
गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: साहिब की गोरी - बहादुरगढ़ का थानेदार परेशान।
क्या प्रियंका मध्य प्रदेश से लड़ेंगी अपना पहला चुनाव?
त्रिदीब रमण।
’घर से निकल रहे हो तो अपने सायों को भी साथ ले लो
जिन्हें धुंधला दिखता है अब, उन बूढ़ी मां का आशीर्वाद भी ले लो
सफर में तो राहों में धूप होगी, मंजिलें भी मजबूर होंगी
पांवों में छाले होंगे, तुमसे नाराज़ तेरे चाहने वाले…
“लचित बोरफुकन का जीवन हमें ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र के साथ जीने के लिए प्रेरित…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में लचित बोरफुकन की 400वीं जयंती के साल भर चलने वाले समारोह के समापन समारोह में संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 'लचित बोरफुकन – असम्स हीरो हू हाल्टेड द मुगल्स' नामक पुस्तक का विमोचन…
लचित बोरफुकन और उनके सैनिकों के अन्दर राष्ट्रभक्ति की जो प्रखर भावना थी उसका एक कतरा मात्र भी मुगलों…
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरूवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में श्री लचित बोरफुकन की 400वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा और केन्द्रीय मंत्री…
लाचित बरफूकन: एक अपराजित महान योद्धा
औरंगजेब जब दिल्ली का बादशाह बना तो उसने पश्चिम असम पर आक्रमण कर उसे अपने कब्जे में कर लिया, और रसीद खां को वहां के प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया। लेकिन अहोम के राजा चक्रध्वज सिंह (1663-1669) को मुगलों के अधीन रहना स्वीकार नहीं था।
चौधरी छोटू राम एवं शुद्धिआन्दोलन
दीनबंधु चौधरी छोटूराम जैसा किसान हितैषी आज तक नहीं हुआ। चौधरी साहब ने अपना जीवन किसानों के हित के लिए जिया। किसान चाहे किसी भी मजहब या जाति का रहा हो, उनके लिए वह अपना था। उन्होंने अपने प्रेरणास्रोत ऋषि दयानंद के वाक्य ‘किसान राजाओं का राजा…
24 नवम्बर 1918 जन्म-दिवस- सरसंघचालकों की छाया डा. आबाजी थत्ते
सरसंघचालक श्री गुरुजी और फिर बालासाहब देवरस के प्रवास में उनकी छाया की तरह साथ रहने वाले डा. वासुदेव केशव (आबाजी) थत्ते का जन्म 24 नवम्बर, 1918 को हुआ था। उनका पालन स्टेट बैंक में कार्यरत उनके बड़े भाई अप्पा जी और भाभी वाहिनी थत्ते ने अपने…