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विचार
नशामुक्ति बहाना, ध्येय राजनीतिक दुकान चमकाना
नशामुक्ति के नाम पर शराबबंदी राजनीति का फैशन बन गया है। सत्ता में हिस्सेदारी से वंचित राजनेता शराबबंदी को अपना हथियार बनाते देखे जा सकते हैं। महात्मा गांधी के गुजरात और बिहार में सरकारी स्तर पर तो शराब बंदी लागू है लेकिन दोनों राज्यों में…
नशामुक्ति बहाना, ध्येय राजनीतिक दुकान चमकाना
नशामुक्ति के नाम पर शराबबंदी राजनीति का फैशन बन गया है। सत्ता में हिस्सेदारी से वंचित राजनेता शराबबंदी को अपना हथियार बनाते देखे जा सकते हैं। महात्मा गांधी के गुजरात और बिहार में सरकारी स्तर पर तो शराब बंदी लागू है लेकिन दोनों राज्यों में…
संस्कृति-लोकमंथन (19)- लोक परंपरा में वाद्य संस्कृति
(21 सितंबर से 24 सितंबर 2022 तक श्रीमंता शंकरदेव कलाक्षेत्र गोहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा तीसरे लोकमंथन का आयोजन किया गया। प्रस्तुत है लोकमंथन की उल्लेखनीय गतिविधियों पर सारपूर्ण श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुति)
संस्कृति : लोकमंथन (18)- भारत में कृषि एवं खाद्य परम्पराएं -3
हाल ही में 21 सितंबर से 24 सितंबर 2022 तक श्रीमंता शंकरदेव कलाक्षेत्र गोहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा तीसरे लोकमंथन का आयोजन किया गया। प्रस्तुत है लोकमंथन की उल्लेखनीय गतिविधियों पर सारपूर्ण श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुति
संस्कृति : लोकमंथन (17)- भारत में कृषि एवं खाद्य परम्पराएं -2
( हाल ही में 21 सितंबर से 24 सितंबर 2022 तक श्रीमंता शंकरदेव कलाक्षेत्र गोहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा तीसरे लोकमंथन का आयोजन किया गया। प्रस्तुत है लोकमंथन की उल्लेखनीय गतिविधियों पर सारपूर्ण श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुति)
अरविंद केजरीवाल ने हिमाचल विधानसभा चुनाव में आखिर आत्मसमर्पण क्यों किया?
हिमाचल प्रदेश और गुजरात के विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को मतदान होने वाला है, जबकि गुजरात में चुनाव की घोषणा भी जल्द हो जाने की उम्मीद है.
संस्कृति- सूर्य षष्ठी अथवा छठ पूजा
प्रकृति पूजा सनातन संस्कृति का एक अंग है। इस प्रकृति पूजा में सूर्य उपासना भी शामिल है। उगते सूर्य को अर्घ्य देना संध्या वंदन के साथ जुड़ी पूजा विधान है लेकिन सूर्य के अस्ताचल होने पर भी इस संस्कृति में सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है।
अकबर साहेब ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गुजरात से लेकर विश्व नेता बनने तक की यात्रा को दर्शाया…
केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज नई दिल्ली में नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में जाने-माने चित्रकार अकबर साहेब की पेंटिंग्स की एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
बन्दा वीर बैरागी- हिरणी से लेकर वीरगति तक की कहानी
बन्दा बैरागी का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 को ग्राम तच्छल किला, पुंछ में श्री रामदेव के घर में हुआ। उनका बचपन का नाम लक्ष्मणदास था। युवावस्था में शिकार खेलते समय उन्होंने एक गर्भवती हिरणी पर तीर चला दिया। इससे उसके पेट से एक शिशु निकला और तड़पकर…