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विचार
सुनो!! कान खोलकर…।। मैं मोहन पैदा हुआ था, मोहन ही मरा हूँ…
गिरीश पाण्डे
मैं मोहन पैदा हुआ था, मोहन ही मरा हूँ। महात्मा तुम्हारे बापों और दादों ने जबरन बना दिया। मुझे ना महात्मा बनना था, न राष्ट्रपिता, न राष्ट्रपति, न प्रधानमंत्री ..। हां, तुम्हारे बड़े - बूढों ने जो प्यार दिया था ,जब वो…
देश के सकारात्मक भविष्य के लिए विलक्षण संकेत- शास्त्री के मूल्यों की रक्षा करना
*गिरीश पाण्डे
आज लालबहादुर शास्त्री देश के अब तक के सबसे प्यारे और सादगी से ओतप्रोत ,राष्ट्र , जनता ( हम भारत के लोगों ) से और ज़मीन जुड़े हुए,किसानों और जवानों को महत्व देने/ दिलाने वाले सत्य और अहिंसा के साधक ( किंतु आत्म रक्षार्थ…
बिहार की वह वीरांगना जिसने महात्मा गांधी का पैर छूने से कर दिया था मना
समग्र समाचार सेवा
पटना, 02 अक्टूबर। अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजादी दिलवाने वाले, 'राष्ट्रपिता' महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की जयंती पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के बीच महात्मा गांधी सर्वमान्य थे।…
भारत जी-हुजूरों का लोकतंत्र ?
डॉ. वेदप्रताप वैदिक
नवजोतसिंह सिद्धू का मामला अभी अधर में ही लटका हुआ है और इधर कल-कल में कुछ ऐसी घटनाएं और भी हो गई हैं, जो कांग्रेस पार्टी की मुसीबतों को तूल दे रही हैं। पहली बात तो यह कि पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदरसिंह दिल्ली जाकर…
राष्ट्र-चिंतन: कम्युनिस्टों के लिए भस्मासुर साबित हुए कन्हैया कुमार
विष्णुगुप्त
कन्हैया कुमार से कम्युनिस्टों की बहुत उम्मीद थी, कम्युनिस्टों ने कन्हैंया कुमार को अपना आईकॉन मान लिया था, मास लीडर मान लिया था, नरेन्द्र मोदी का विकल्प मान लिया था, अपने खोये हुए जनाधार और आकर्षण को फिर से प्राप्त करने की…
सरदार भगत सिंह जन्मदिवस: आजादी भारत के इस सपूत ने दिलाई चरखे ने नही
*नारद बघेली
"जिंदगी तो अपने दम पर ही जी जाती है..
दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं !"
सरदार भगत सिंह जी को पाश्चात्य और परजीवी इतिहासकारों ने आतंकवादी बताया है तो इन्हीं के स्वरों को साधते हुए शातिर वामपंथी…
मध्य प्रदेश डायरी – रविंद्र जैन
*मध्य प्रदेश डायरी - रविंद्र जैन
भ्रष्टाचार के एक करोड़ जमा
मप्र के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ है कि भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे संचालक स्तर के अधिकार को वित्तीय अनियमितताओं की एक करोड़ से अधिक की राशि अपने खाते से सरकार के…
स्वाभाविक राष्ट्र है भारत
प्रो. कुसुमलता केडिया।
यह आज हमें पता है कि भारत का वर्तमान स्वरूप 15 अगस्त 1947 की देन है। आज अखंड भारत की कल्पना में हम केवल पाकिस्तान और बांग्लादेश को जोड़ते हैं। परंतु हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि बर्मा, श्रीलंका, अफगानिस्तान आदि भी…
अपराधियों को भारत का शासक बताने वाले अक्षम्य अपराधी हैं
-प्रो. रामेश्वर मिश्र पंकज
वस्तुतः जिसे प्लासी का युद्ध कहते हैं, वह कोई युद्ध था ही नहीं ।
वह यह था कि सिराजुदौला के दीवान मोहनलाल से उसके ही अधीनस्थ मीर जाफर अली की खटक गई और उधर क्लाईव ने मीर जाफर को घूस देकर इस बात के लिये राजी किया…
25 सितंबर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर भारत माता के महान सपूत को कोटि- कोटि नमन
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25सितंबर। एकात्म मानववाद के प्रणेता जिसने जनसंघ को दिशा दी ऐसे भारत माता के महान सपूत पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर कोटि- कोटि नमन...
भारत के इस महान सपूत पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर…