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विचार
मृत्यु और जीवन
एक नौजवान जीवन से निराश था। जंगल में एक पेड़ के नीचे बैठा रोता रहता था। एक दिन मृत्यु की देवी वहाँ से गुज़री और उससे पूछा, “तुम इतना दुखी क्यों हो?”
स्त्री शक्ति का महत्व
एक गांव में एक जमींदार था। उसके कई नौकरों में जग्गू भी था। गांव से लगी बस्ती में, बाकी मजदूरों के साथ जग्गू भी अपने पांच लड़कों के साथ रहता था। जग्गू की पत्नी बहुत पहले गुजर गई थी। एक झोंपड़े में वह बच्चों को पाल रहा था। बच्चे बड़े होते गये…
नशामुक्ति बहाना, ध्येय राजनीतिक दुकान चमकाना
नशामुक्ति के नाम पर शराबबंदी राजनीति का फैशन बन गया है। सत्ता में हिस्सेदारी से वंचित राजनेता शराबबंदी को अपना हथियार बनाते देखे जा सकते हैं। महात्मा गांधी के गुजरात और बिहार में सरकारी स्तर पर तो शराब बंदी लागू है लेकिन दोनों राज्यों में…
नशामुक्ति बहाना, ध्येय राजनीतिक दुकान चमकाना
नशामुक्ति के नाम पर शराबबंदी राजनीति का फैशन बन गया है। सत्ता में हिस्सेदारी से वंचित राजनेता शराबबंदी को अपना हथियार बनाते देखे जा सकते हैं। महात्मा गांधी के गुजरात और बिहार में सरकारी स्तर पर तो शराब बंदी लागू है लेकिन दोनों राज्यों में…
संस्कृति-लोकमंथन (19)- लोक परंपरा में वाद्य संस्कृति
(21 सितंबर से 24 सितंबर 2022 तक श्रीमंता शंकरदेव कलाक्षेत्र गोहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा तीसरे लोकमंथन का आयोजन किया गया। प्रस्तुत है लोकमंथन की उल्लेखनीय गतिविधियों पर सारपूर्ण श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुति)
संस्कृति : लोकमंथन (18)- भारत में कृषि एवं खाद्य परम्पराएं -3
हाल ही में 21 सितंबर से 24 सितंबर 2022 तक श्रीमंता शंकरदेव कलाक्षेत्र गोहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा तीसरे लोकमंथन का आयोजन किया गया। प्रस्तुत है लोकमंथन की उल्लेखनीय गतिविधियों पर सारपूर्ण श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुति
संस्कृति : लोकमंथन (17)- भारत में कृषि एवं खाद्य परम्पराएं -2
( हाल ही में 21 सितंबर से 24 सितंबर 2022 तक श्रीमंता शंकरदेव कलाक्षेत्र गोहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा तीसरे लोकमंथन का आयोजन किया गया। प्रस्तुत है लोकमंथन की उल्लेखनीय गतिविधियों पर सारपूर्ण श्रृंखलाबद्ध प्रस्तुति)
अरविंद केजरीवाल ने हिमाचल विधानसभा चुनाव में आखिर आत्मसमर्पण क्यों किया?
हिमाचल प्रदेश और गुजरात के विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को मतदान होने वाला है, जबकि गुजरात में चुनाव की घोषणा भी जल्द हो जाने की उम्मीद है.
संस्कृति- सूर्य षष्ठी अथवा छठ पूजा
प्रकृति पूजा सनातन संस्कृति का एक अंग है। इस प्रकृति पूजा में सूर्य उपासना भी शामिल है। उगते सूर्य को अर्घ्य देना संध्या वंदन के साथ जुड़ी पूजा विधान है लेकिन सूर्य के अस्ताचल होने पर भी इस संस्कृति में सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है।