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मालवा राजा- ४ क्षत्रिय कुलों ने देशरक्षा के लिये ली शपथ, कैसे हुआ मालव प्रभुत्व स्थापित

शूद्रक ७५६ ई.पू. (कलि २३४५) में राजा हुआ, जब शूद्रक-शक आरम्भ हुआ (यल्ल का ज्योतिष दर्पण ७१)। उसके राज्य में अर्बुद पर्वत पर यज्ञ हुआ जिसमें अग्नि की साक्षी में ४ क्षत्रिय कुलों-प्रतिहार, परमार, चालुक्य, चाहमान (चौहान) ने देशरक्षा के लिये…

ढोल, गंवार, शूद्र, पशु, नारी एक ग़लत आरोपित तथ्य- कांग्रेसी व वामपंथी इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास…

कांग्रेसी व वामपंथी ग्रास काल के कई इतिहासकारों ने हमारे मूल इतिहास के साथ तो कई छेड़छाड़ तो किया ही है , सनातन हिंदू ग्रंथों को भी अपने विरोध शैलियों से नहीं बख्शा है .

🌲सत्संग की अनूठी दुकान और मै !🌲

आपको मै एक अपना विशेष अनुभव सुनाता हूँ .आप जानकर खुश ही नहीं बहुत खुश हो जाएँगे . आयें अब मेरी ख़ुशी के अनुभव से रूबरू करे .साथ में असीम आनंद की अनुभूति करे .

।।संपत्ति बड़ी या संस्कार ।।

दक्षिण भारत में एक महान सन्त हुए तिरुवल्लुवर। वे अपने प्रवचनों से लोगों की समस्याओं का समाधान करते थे। इसलिए उन्हें सुनने के लिए दूर-दूर से लोग उनके पास आते थे।

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: दो दशक पहले हरियाणा की बेटी सुषमा स्वराज ने हरियाणा को हिसार दूरदर्शन का तोहफा…

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: दो दशक पहले हरियाणा की बेटी सुषमा स्वराज ने हरियाणा को हिसार दूरदर्शन का तोहफा