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जीजीएन विशेष
जीवन और संस्कार
एक बार एक राजा अपने सहचरों के साथ क्रीड़ा करने जंगल में गया था।वहाँ किसी कारण से एक दूसरे से बिछड गये और एक दूसरे को खोजते हुये राजा एक नेत्रहीन संत की कुटिया में पहुँचकर अपने विछडे हुये साथियों के बारे में पूंछा।नेत्रहीन संत ने कहा महाराज…
गुजरना नदी से, लेकिन ध्यान रखना, पानी तुम्हें छूने न पाये…..
झेन फकीर कहते हैं कि गुजरना नदी से, लेकिन ध्यान रखना, पानी तुम्हें छूने न पाये। वे इसी बात की खबर दे रहे हैं कि अगर तुम्हें समझ आ जाये साक्षी की, तो तुम गुजर जाओगे नदी से। पानी शरीर को छुएगा, तुम्हें नहीं छू सकेगा। तुम साक्षी ही बने रहोगे।
पहचान हिंदुत्व की / भाग-2
रविवार, दिनांक 17 अगस्त 2017. गणेशोत्सव का तीसरा दिन है. स्पेन के सुदूर दक्षिणी भाग में, मोरक्को की सीमा के पास, अफ्रीका महाद्वीप में, स्पेन का एक स्वशासी (ऑटोनोमस) शहर है, जिसका नाम है ‘क्यूटा’ (Ceuta). इस शहर में कुछ सिंधी भाषी हिन्दुओं…
धर्म रक्षा के लिए गुरु तेगबहादुर जी का बलिदान
एक बार सिखों के नवें गुरु श्री तेगबहादुर जी हर दिन की तरह दूर-दूर से आये भक्तों से मिल रहे थे। लोग उन्हें अपनी निजी समस्याएँ तो बताते ही थे; पर मुस्लिम अत्याचारों की चर्चा सबसे अधिक होती थी।
सप्त चिरंजीवी और ऋषि मार्कंडेय
हमारे धर्मग्रंथो में एक श्लोक है:-
अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः।
कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविनः॥
सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्।
जीवेद्वर्षशतं सोपि सर्वव्याधिविवर्जित।।
स्वस्थ रहना आपका अधिकार है…
डॉक्टर अरुणिमा। यदि आप 45 वर्ष से अधिक हैं, तो यह लेख आपके लिए है-*
वामियों की वैचारिक विफलता
फिलहाल सोशल मीडिया पर वामियोँ के दिन अच्छे नही है, ऐसा प्रतीत हो रहा है। एलन मस्क ने ट्विटर पर पूर्ण नियंत्रण पा लिया है और इसके साथ उन्होंने ट्विटर के सी ई ओ पराग अग्रवाल और लीगल हेड विजया गड्डे को बाहर का रास्ता दिखाया। विजया गड्डे को को…
गुरुनानक देव जी का 556 वां प्रकाशोत्सव विशेष
गुरुनानक जी सिखों के प्रथम (आदि )गुरु हैं। इनके अनुयायी इन्हें नानक, नानक देव जी, बाबा नानक और नानकशाह नामों से संबोधित करते हैं। नानक अपने व्यक्तित्व में दार्शनिक, योगी, गृहस्थ, धर्मसुधारक, समाजसुधारक, कवि, देशभक्त और विश्वबंधु - सभी के…
सलाह सिंघई जी की
म भारतीयों में सोने के प्रति बहुत आकर्षण है और हमारे घरों में अनुमानतः 25000 टन से अधिक सोना है शायद इसीलिये विश्व हमें सोने की चिड़िया मानता है। भारत का मध्यमवर्गीय समाज सालाना 56 प्रतिशत सोना खरीदता है मगर यह सारा लेन-देन एक कागज के…