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जीजीएन विशेष

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसे वाला की हत्या या एक साजिश, जानें मामलें से जुंडी हर एक कडी….

स्निग्धा श्रीवास्तव समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 30 मई। पंजाब के मानसा जिले में पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसे वाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सिंगर मूसे वाला पर यह हमला पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा वापस लिये…

संस्कृति- राम तेरी गंगा मैली हो गई

पार्थसारथि थपलियाल जब से चारधाम यात्रा शुरू हुई तब से ऋषिकेश से चारधाम तक चर्चाएं ही चर्चाएं। चर्चा उनकी तो है ही जिनकी होनी चाहिए, लेकिन उनकी भी है जिनकी नही होनी चाहिए। अब भला कुत्ते के किस पुरखे का पिंडदान ब्रह्मशिला पर करना था कि…

व्यंग-विनोद-  त्वाडा कुत्ता टॉमी, साडा कुत्ता कुत्ता

पार्थसारथि थपलियाल कुत्ते की जात, कुत्ते की योनी, कुत्ते की नाक, कुत्ते की तरह भौंकना, कुत्ते की मौत, धोबी का कुत्ता घर का न घाट का, कुत्ते की वफादारी जैसी कितनी ही लोकोक्तियां और कहावतें समाज मे व्याप्त हैं। पहले कुत्ते घरों की…

राजधर्म- प्रधानमंत्री पद की कोचिंग से फिसलता उम्मीदवार

पार्थसारथि थपलियाल सच कहूँ, मुझे राहुल गांधी से व्यक्तिगत रूप से कोई परेशानी नही है। होनी भी नही चाहिए। परेशानी तब हो जब हमारा साझा खेत हो या साझी दुकान हो। या साझा काम हो। लेकिन जब से यह ज्ञान बढ़ा कि राहुल गांधी कोंग्रेस के पी एम…

क्या फिर से टल गई है राहुल की ताजपोशी?

 ’तेरी चाहतों का इस कदर असर है, तेरे सिवा कोई और नहीं जहां तक ये सहर है ज़िद है कि तेरे लिए फलक से चांद तोड़ लाऊं, जमीं से आसमां का जो ये सफर है’ कहां तो तय था कि 22 अगस्त को राहुल गांधी बतौर अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी की कमान…

राजधर्म- सीपेक तो बहाना है, भारत को डराना है

पार्थसारथि थपलियाल संसार में चीन एक मात्र ऐसा देश है जिसके बारे में कहावत है " ऐसा कोई सागा नही जिसको हमने ठगा नही"। चीन की यह नीति रही कि पड़ोसी देशों का अतिक्रमण किया जाय। हांगकांग और मकाऊ चीन ने पहले ही हड़प लिए हैं उसकी सीमाओं…

राष्ट्रप्रथम- राजनीति राष्ट्र के लिए या धंधे के लिये

पार्थसारथि थपलियाल बात 1975 की है। उन दिनों सर्वोदयी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में छात्र आंदोलन चल रहा था। देशभर में रामधारी सिंह दिनकर की कविता की ये पंक्ति आंदोलन का हिस्सा बन गई थी- "सिंहासन खाली करो अब…

हिजाब का हिसाब से आगे का व्यवसाय

पार्थसारथि थपलियाल भारतीय संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अनुच्छेद 19 में और जीने की स्वतंत्रता अनुच्छेद 21 में व्यक्त है। वैसे संविधान के अनुच्छेद 12 से 35 के मध्य भारतीय नागरिकों को मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। भारतीय संस्कृति…

नदी का पानी ज्यों का त्यों फिर कुनबा डूब क्यों?

पार्थसारथि थपलियाल भारत का सबसे पुराना राजनीतिक दल विगत कई वर्षों से लोक चिंतन का विषय बना हुआ है। इसी चिंता का चिंतन करने के लिए मई 13-14 मई, 2022 को झीलों की नगरी उदयपुर राजस्थान में चिंतन शिविर का आयोजन किया। वर्तमान में अपने दम पर…

वीर सावरकर..कहानी ऐसे स्वतंत्रता सेनानी की…जिनके प्रशंसक और निंदक दोनों समान रूप से है

स्निग्धा श्रीवास्तव वीर सावरकर यानि विनायक दामोदर सावरकर हिंदुत्वके प्रेमी तो थे ही साथ ही वे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रणेता भी थे। वे ऐसे व्यक्ति थे जिनके प्रशंसक और निंदक समान रूप से हैं। उनके समर्थक उन्हें हिंदू राष्ट्रवाद का शलाका…