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जीजीएन विशेष
मध्य प्रदेश डायरी – रवीन्द्र जैन
रवीन्द्र जैन
आईएएस ने बैंक से एक करोड़ कैश निकाला
मप्र की एक जांच एजेंसी मप्र के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के बैंक खाते की गोपनीय जांच कर रही है। लंबे समय तक मलाईदार पद पर रहकर कुछ माह पहले रिटायर हुए आईएएस के बैंक खाते में 2016 में दो…
चिकन सैंडविच, राहुल और हार्दिक
त्रिदीब रमण
’अगर तू मुझसे खफ़ा न होता, तेरे अफ़सानों में जिक्र मेरा न होता
तेरे आइने में कैद मेरा भी एक चेहरा था, अगर यूं टूटा न होता’
आज की दौर की सियासत ने नायक और प्रतिनायक के महीन फासले को कम कर दिया है, नायक के चारण गान की…
अंग्रज़ों को उन्हीं की भाषा में दिया मुंह तोड़ जवाब..ऐसी थी कलकत्ता की रानी रासमणि
स्निग्धा श्रीवास्तव
लगभग 200 साल तक हिंदुस्तान पर अंग्रेज़ों का राज रहा। इस दौरान देश की जनता ने बहुत कुछ देखा और झेला। बहुत से जवान शहीद हुए..ना जाने कितने लोगों ने महान काम किए जिनका जिक्र हम इतिहास में पढ़ते है लेकिन देश में ऐसे कई महान…
मध्य प्रदेश डायरी: रवींद्र जैन
बंगले में अवैध निर्माण और चुनाव!
मप्र राज्य निर्वाचन आयोग को अगले कुछ सप्ताह में पंचायतों और नगरीय संस्थाओं के चुनाव कराने हैं। लेकिन निष्पक्ष चुनाव को लेकर अभी से संशय की स्थिति बनने लगी है। दरअसल…
नीतीश भाजपा की मजबूरी क्यों हैं?
त्रिदीब रमण
’कहां तो हौसला था कि आसमां से सूरज उतार लाएंगे
तेरी जुल्फों में उलझे सावन से हम भी बहार लाएंगे
पर नए दौर का यह मौसम नया है
दोस्त मैं तुझमें हूं पर मुझमें तू कहां है’
भाजपा 2024 के आम चुनावों के लिए अभी से कमर कस चुकी…
यादों के झरोखे से- गाने के बहाने यादों की सरगम
पार्थसारथि थपलियाल
संतूर के सुर सम्राट पंडित शिव कुमार के निधन के समाचार उन सभी के लिए चुभन भरा था जिन्होंने संतूर वादन देखा या सुना होगा। बहुत कठिन साज है, जो कश्मीर की वादियों में झंकृत होकर विश्व पटल तक फैला। सहज रूप में भारत को…
राष्ट्रप्रथम- देशद्रोह या राजद्रोह – केवल राजगद्दी का मोह
पार्थसारथि थपलियाल
भारतीय समाज में सास बहू के झगड़े बिल्कुल ऐसे ही रहे हैं जैसी आधुनिक राजनीति। अपना मौका मिलते ही परिभाषाएं भी बदल जाती हैं, आचरण भी बदल जाता है। यह उस धारणा के आलोक में है जिस धारणा में अंग्रेजों के शासन काल में 1870…
मध्य प्रदेश डायरी: रवीन्द्र जैन
पूर्व सीबीआई डायरेक्टर ने लांच की ज्योतिष वेबसाइट
देश के पूर्व सीबीआई डायरेक्टर आरके शुक्ला ने रिटायरमेंट के बाद शेष जीवन ज्योतिष के रहस्यों को खोजने और उसके सकारात्मक उपयोग में लगाने का निर्णय…
पहचानिए कौन है यह शख्स?
त्रिदीब रमण
’न जाने कितनी आंखों में नश्तर सा चुभता है तू
सज़रे-बहारा में क्या ईंट-पत्थर सा रहता है तू’
कहते हैं नाम में क्या रखा है, आज हम जिस शख्स की कहानी यहां बयां करने वाले हैं, एक समृद्ध विरासत की दावेदारी के बावजूद भगवा…
माँ की सूरत में मिले भगवान
पार्थसारथि थपलियाल
"माँ" एक ऐसा शब्द है, जो केवल नारी का ही सम्मान नही बढ़ाता है बल्कि भारतीय संस्कृति में इसी शब्द ने धरती का भी गौरव बढ़ाया है। वेद की ऋचा कहती है- "माता भूमि पुत्रोहम पृथिव्या"। जो ममता की मूरत और दया का सागर है, जो…