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विचार
कहो तो कह दूँ = धिक्कार हैं भारत के ‘रिश्वतखोरो’ सिर्फ ‘एशिया टॉप’ कर पाए
चैतन्य भट्ट।
भारत के तमाम रिश्वतखोरो तुमको धिक्कार है, कब से मेहनत कर रहे हो पर अभी तक रिश्वतखोरी के मामले में सिर्फ एशिया में ही अव्वल आ पाए हो, हर चीज में रिश्वत, हर सरकारी दफ्तर में रिश्वत, उसके बाद भी अभी तक विश्वविजेता नहीं बन पाए,…
रजनीकांत की ‘आध्यात्मिक राजनीति’ के असल मायने क्या हैं?
अजय बोकिल
दक्षिण के मशहूर फिल्म स्टार रजनीकांत द्वारा राजनीति में प्रवेश की ताजा गारंटीड घोषणा के बाद लगता है कि वो तमिलनाडु में प्रभावी राजनेता के शून्य को भरने की नीयत से सियासत में कूदने वाले हैं। यूं दक्षिण में फिल्मी सितारों का आना नई…
कमिश्नर, आईपीएस की काबिलियत पर सवालिया निशान……
इंद्र वशिष्ठ
वकीलों से पिटने वाली पुलिस महामारी के भयंकर संकट के दौर में भी अन्नदाता पर जाडे में पानी की बौछार, आंसूगैस और डंडे चला कर अपनी बहादुरी दिखाने में लगी हुई है।
इस दौर में भी पुलिस का पारंपरिक संवेदनहीन चरित्र और चेहरा…
आंदोलनों के नाम पर सरकारी व निजी सम्पत्तियों का नुकसान क्यों ?
*मनीषा सिंह
और कब तक ? क्यों ? किसलिए ? क्यों आरक्षण ?कभी जाति के नाम पर ये रास्ता रोको आन्दोलन तो कभी ओछी
राजनीति के नाम पर ? क्यों ? क्योंकि आरक्षण व अन्य मांगो को लेकर शुरू गयी की जन मानस की जंग हर बार
राजस्थान ही नहीं पूरे देश को…
शत शत नमन- चिरंतन यात्री परम आदरणीय मृदुला जी सिन्हा को
कुमार राकेश
अब वो कभी नहीं मिल पायेगी.अब तो चली गयी.इहलोक को छोड़कर अपने स्वर्गलोक..जी हाँ अपनी,आपकी ,हम सबकी आदरणीय मृदुला जी सिन्हा.आज सुबह जल्दी पहुँचने की इच्छा थी.अपनी गाडी की बैटरी भी शोकाकुल लगी.फिर…
स्मृति शेष…आदरणीय मृदुला जी,अब सिर्फ आपकी यादें ही हमें ऊर्ज़ान्वित करती रहेंगी…
*कुमार राकेश
वर्ष 2020 किसी के लिए बेहतर नहीं रहा .पता नहीं,ईश्वर को क्या मंज़ूर हैं .आज देश की प्रख्यात साहित्यकार,बिहार गौरव व गोवा की पूर्व राज्यपाल श्रीमती मृदुला जी सिन्हा हम सबको छोड़कर चली गयी.कई सालो का सम्पर्क.कई बार उनका…
कैलाश नारायण सारंग भाजपा की पुरानी कर्मठ पीढ़ी के अंतिम प्रतीक-पुरुष थे
पंकज पाठक।
कैलाश नारायण सारंग के निधन से पूर्ववर्ती जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के पुरानी पीढ़ी के एक समर्पित नेता की अखरने वाली कमी हो गई है।वे भाजपा के संस्थापक-नेताओं में से एक थे। पार्टी में वीरेंद्र कुमार सखलेचा और हसनात सिद्दीक़ी की…
नीतीश जी का अतीत ही बताता है, इस तरह के संकल्प का उनकी नजरों में कोई मोल नहीं है- शिवानन्द तिवारी
*शिवानन्द तिवारी
भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन से अलग होने के बाद नीतीश जी ने बिहार विधानसभा में घोषणा किया था कि मैं मिट्टी में मिल जाऊंगा लेकिन फिर इनके (भाजपा) साथ नहीं जाऊंगा। आज उन्हीं नीतीश कुमार जी ने बिहार की जनता को संदेश…
मेवात में हमारी फुल दादागिरी चलती है…
* सर्जना शर्मा
कोई लगभग दो साल पुरानी बात होगी . तब हम दिल्ली कैंट में रहते थे एक दिन सुबह लगभग 8 बजे मैनें ओला टैक्सी बुलाई । जो ड्राईवर था वो बहुत बातूनी था । मेरे गाड़ी में बैठते ही बोला आज का दिन बहुत अच्छा जाएगा आपके जैसी पाक…
प्रधानमंत्री बेरोज़गारी के सवाल पर मौन क्यों ?
*शिवानंद तिवारी
बिहार के चुनाव अभियान में प्रधानमंत्री जी बेरोजगारी के सवाल पर मौन क्यों धारण कर जाते हैं! आखिर बिहार में चुनाव का मुद्दा तो बेरोजगारी ही बना हुआ है. तेजस्वी की सभाओं में युवाओं का अपार समूह बेरोजगारी के ही मुद्दे पर अपनी…