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विचार
ढपोर शंख और कांग्रेस
प्रस्तुति .कुमार राकेश
बहुत प्राचीन काल की बात है। एक गांव में एक गरीब ब्राह्मण दंपत्ति रहते थे। अब प्राचीन काल था, ब्राह्मण थे, तो जाहिर सी बात है गरीबी ही होंगे। ब्राम्हण देवता भिक्षा मांग कर अपना जीवन यापन करते थे। ब्राह्मण देवता का एक…
लोकतंत्र: अराजकता का एक सुखद स्वरूप
महेंद्र शुक्ल
हम दुनियां के सबसे बड़े लोकतंत्र है , लोकतंत्र राज्य का सबसे सुंदर स्वरूप होता है, पर मेरा अपना विचार है,ये लोकतंत्र की अधिकता अघोषित तानाशाही को जन्म देती है जो बहुसंख्यक समाज द्वारा राष्ट्रीय मूल्यों और अपने अस्तित्व की…
प्रधानमंत्री मोदी की साधना पर विपक्ष की आलोचना क्यों ??
*कुमार राकेश
भारत का विपक्ष भी गज़ब हैं..उन्हें साधना, ध्यान, पूजा से इतना नफरत क्यों? भारतीय हिन्दू धर्म और संस्कृति के खिलाफआलोचना क्यों? यदि कोई व्यक्ति चर्च जाता या मस्जिद जाता तो इन विपक्षी दलों के नेताओ के मुंह में ताला लग…
मैं IAS बनकर भी कुछ न बन सका!
*टी एन शेषण
टी.एन. शेषन मुख्य चुनाव आयुक्त थे।
अपनी पत्नी के साथ यूपी की यात्रा पर जाते समय उनकी पत्नी ने सड़क किनारे एक पेड़ पर बया (एक प्रकार की चिड़िया)का घोंसला देखा और कहा, ”यह घोंसला मुझे ला दो; मैं घर को सजाकर रखना चाहतीं हूँ।”…
हिन्दी पत्रकारिता की आदि प्रतिज्ञा- ‘हिन्दुस्तानियों के हित के हेत’
विजयदत्त श्रीधर
आज 30 मई है। हिन्दी पत्रकारिता दिवस। सन 1826 की 30 मई को भारतीय पत्रकारिता की गंगोत्री कोलकाता से युगल किशोर शुक्ल ने हिन्दी के साप्ताहिक समाचारपत्र ‘उदन्त मार्त्तण्ड’ का प्रकाशन किया था। इसी से हिन्दी पत्रकारिता की शुरुआत…
डॉ. जगन्नाथ पटनायक: उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए नई परिभाषाएँ गढ़ने में अग्रणी
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रतिभा और अनुभव वाले एक अनुभवी वरिष्ठ शिक्षाविद् के रूप में, डॉ. जगन्नाथ पटनायक ने नेतृत्व, शैक्षणिक कार्यक्रमों और नीतियों को विकसित करने और लागू करने, बजट का प्रबंधन करने,…
🕉️ रात्रि कहानी 🕉️
दान-पुण्य
एक धनाढय सेठ था, पर था बड़ा कंजूस स्वभाव का। दान-पुण्य के लिए तो उसका हाथ कभी खुलता ही न था।
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उसके घर जो पुत्रवधू आयी वह बड़े कुलीन और सत्संगी घराने की थी।
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घर के संस्कारी माहौल और सत्संग में जाने के कारण बचपन से ही उसके…
गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: “इन्हें………….फिट कर दो।”
पवन कुमार बंसल.
"इन्हें.............फिट कर दो।" - एशियाई खेलों के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भजन लाल द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को खुश करने के लिए हरियाणा पुलिस का दुरुपयोग। मेरी आने वाली किताब 'हरियाणा पुलिस की अनकही कहानी'…
साहिब की गोरी – बहादुरगढ़ का थानेदार परेशान
पवन बंसल
मेरी आने वाली किताब खाकी के सबरंगे किस्से का नमूना। साहिब की गोरी - बहादुरगढ़ का थानेदार परेशान।
बात उन दिनों की है जब बहादुरगढ़ रोहतक जिले का हिस्सा था यानि झज्जर जिला नहीं बना था।
बहादुरगढ़ का थानेदार काफी परेशान था। शाम को साहिब…
कौन हैं गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ जो पीएम मोदी संग नामांकन भरने के दौरान आए नजर
कुमार राकेश
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के लिए वाराणसी लोकसभा सीट से तीसरी बार मंगलवार 13 मई को अपना नामांकन दाखिल किया. इस मौके पर उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके प्रस्तावक…