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व्यक्तित्व
प्रधानमंत्री मोदी :पृथ्वी को माता के रूप में सम्मान देने की भारतीय परंपरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पृथ्वी को जीवन की पालन-पोषण करने वाली माता मानने वाला संस्कृत सुभाषित साझा किया।
उन्होंने मानवता से पृथ्वी के साथ सद्भाव में रहने और उसकी नैतिक व्यवस्था का सम्मान करने की अपील की।
मोदी…
मिसिज वर्ल्ड इंटरनेशनल : नोएडा की खुशबू वर्मा खुराना
नोएडा की खुशबू वर्मा खुराना ने मिसिज वर्ल्ड इंटरनेशनल 2026 का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया।
खुशबू एक सफल कॉर्पोरेट प्रोफेशनल, मां और जानी-मानी लाइफस्टाइल ब्लॉगर हैं, इंस्टाग्राम पर 5 लाख से अधिक फॉलोअर्स।
वह 'सखा एक पहल' संस्था…
अजीत डोभाल : आज़ादी का अर्थ सिर्फ मनमानी करना नहीं
डोभाल बोले– आज की पीढ़ी को समझना होगा कि आज़ादी लंबी लड़ाई और बलिदान के बाद मिली है।
आज़ादी का अर्थ सिर्फ मनमानी करना नहीं, बल्कि उसके साथ आने वाली जिम्मेदारियों को निभाना भी है।
देशभक्ति, नैतिकता और कर्तव्यपरायणता को जीवन…
प्रधान मंत्री मोदी प्रसंग : “क्षमा धर्मस्य मूलं हि” (क्षमा धर्म का मूल है।)
पूनम शर्मा
भारतीय संस्कृति में क्षमा का स्थान
भारतीय संस्कृति सहिष्णुता, क्षमा और करुणा के गुणों का अनमोल संगम है। हमारे धार्मिक ग्रंथ—रामचरितमानस और महाभारत—इन मूल्यों को जीवन का मार्गदर्शन मानते हैं। आज के दौर में भी, जब समाज और…
BHU : मोती बीए की 107वीं जयंती के अवसर पर भव्य स्मृति-संगोष्ठी आयोजित
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में मोती बीए की 107वीं जयंती पर स्मृति-संगोष्ठी का आयोजन
हिन्दी सिनेमा में भोजपुरी को प्रतिष्ठा दिलाने का सबसे बड़ा श्रेय मोती बीए को—मनोज भावुक
'नदिया के पार' (1948) के भोजपुरी गीतों से मिली राष्ट्रीय…
विकास कार्य करने के लिए भाषा कभी बाधा नहीं बन सकती : विजय कुमार गुप्ता
असम के सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जो व्यापारी वर्ग की समस्याओं से लेकर असम आंदोलन और आरएसएस तक, सभी क्षेत्रों में सक्रिय रहे असम के सेन्ट्रल गुवाहाटी विधान सभा क्षेत्र से विजयी विधायक माननीय श्री…
सद्गुरु : चुनाव ,“लोकतंत्र का शानदार नृत्य”
सद्गुरु ने 2026 चुनाव परिणामों को लोकतंत्र का शानदार प्रदर्शन बताया।
उन्होंने भारत में 80 से 90 प्रतिशत तक मतदान को लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत कहा।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत और टीएमसी की हार का उल्लेख किया।…
“झुमका गिरा रे, बरेली के बाज़ार में…सुरों से शहर तक
समग्र समाचार सेवा
उत्तर प्रदेश,बरेली 5 मई : एक गाने ने कैसे बदल दी पहचान
हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो सिर्फ सुने नहीं जाते, बल्कि एक दौर, एक एहसास और एक जगह की पहचान बन जाते हैं। ऐसा ही एक सदाबहार गीत है झुमका गिरा…
बनारसीदास चतुर्वेदी : फ़िजी में श्रमिकों के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने वाले चिंतक
आज अनेक नौजवान पूछते हैं कि बनारसीदास चतुर्वेदी कौन थे, ऐसे में यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि युवाओं को उनके योगदान से अवगत कराएं , यदि एक पंक्ति में बनारसीदास चतुर्वेदी का परिचय देना हो, तो कहा जाना चाहिए कि गिरमिटिया भारतीयों के…
संघ शताब्दी वर्ष जन गोष्ठी में बोले मोहन भागवत: संघ जैसा कोई दूसरा नहीं
समग्र समाचार सेवा
मेरठ, 21 फरवरी 2026।: संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि संघ की तुलना किसी से नहीं की जा सकती, क्योंकि संघ जैसा कोई दूसरा है ही नहीं।…