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स्तम्भ
विश्व हिन्दू परिषद के अट्ठावन वर्ष और सामाजिक समरसता
हिन्दू समाज की एकता व अखंडता को तार-तार कर उसे जातिवादी, क्षेत्रवादी, भाषावादी व मत-पंथ-संप्रदाय वादी विभेदों में बाँट कर ही मुगलों ने और फिर अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया। विपत्ति चाहे अनगिनत आईं किन्तु, यहाँ के बहुसंख्यक हिन्दू समाज में…
कांग्रेस अब और नहीं, भारत के लिए भाजपा ही एक मात्र विकल्प..!!!
*कुमार राकेश
भारत और कांग्रेस कभी एक दुसरे के पूरक थे,अब नहीं है और रहेंगे भी नहीं.ये समय की मांग है.समय की सोच है.समय की जरुरत है.समय तेजी से बदल रहा है.भारत भी बहुत तेजी से बदल रहा है.कई मामलो में भारत विश्व के कई विकसित देशो से…
ओमिक्रॉन- तेजी से बढ़ता वैश्विक दायरा अस्पतालों पर बढ़ाता भारी दबाव
*अवधेश सिंह
डब्ल्यूएचओ यूरोप के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. हंस हेनरी पी. क्लूज ने अपने 11 जनवरी के वक्तव्य में कहा था कि आज ओमिक्रॉन वेरिएंट नयी उछाल के साथ पूरे यूरोप के सभी देशों में व्यापक रूप से जिस तेज लहर के साथ बढ़ रहा है वह चौकने वाला है…
देश के सकारात्मक भविष्य के लिए विलक्षण संकेत- शास्त्री के मूल्यों की रक्षा करना
*गिरीश पाण्डे
आज लालबहादुर शास्त्री देश के अब तक के सबसे प्यारे और सादगी से ओतप्रोत ,राष्ट्र , जनता ( हम भारत के लोगों ) से और ज़मीन जुड़े हुए,किसानों और जवानों को महत्व देने/ दिलाने वाले सत्य और अहिंसा के साधक ( किंतु आत्म रक्षार्थ…
महिलाओं का सम्मान, कभी नहीं करता तालिबान
जिया मंजरी
आखिरकार 20 वर्षों बाद अफगानिस्तान में बर्बर तालिबान युग की वापसी हो ही गई। किसने सोचा था कि मात्र 100 दिनों के अन्दर तालिबान अफगान सेना को घुटनों पर लाकर पूरे देश पर कब्ज़ा कर लेगा?अमेरिकी सेना की वापसी, तालिबान का काबुल की सड़कों…
भारतीय ज्ञान का खजाना- 10
प्रशांत पोळ
हमारे भारत में, जहां-जहां भी प्राचीन सभ्यता के प्रमाण मिले हैं (अर्थात नालन्दा, हडप्पा, मोहन जोदड़ो, तक्षशिला, धोलावीरा, सुरकोटड़ा, दायमाबाग, कालीबंगन इत्यादि), इन सभी स्थानों पर खुदाई में प्राप्त लोहा, तांबा, चाँदी, सीसा…
दुनिया के हिंदुओ जागो, एक हो ..
*आलोक लाहड
इस्लाम में एकमात्र करने योग्य कर्तव्य जिहाद है, और इस्लाम का एकमात्र उद्देश्य सारी दुनिया को इस्लामिक(गज़वा ए आलम) बनाना है, इन दोनों को निकाल देने पर इस्लाम में कुछ भी नहीं बचता है, बिल्कुल कुछ भी नहीं! ये बात हर गैर मुस्लिम को…
भारतीय ज्ञान का खजाना- 4
प्रशांत पोळ।
अक्सर छत्तीसगढ़ राज्य को हम नक्सलवाद से प्रभावित और अशांत प्रदेश के रूप में पहचानते हैं. परन्तु यह छत्तीसगढ़ का वास्तविक रूप नहीं है. नक्सलवाद के अलावा भी अनेक बातें इस प्रदेश में हैं, जो छत्तीसगढ़ को अत्यंत सम्पन्न बनाती हैं.…
भारतीय ज्ञान का खजाना- 3
प्रशांत पोळ। विश्व के किसी भी भूभाग में यदि किसी संस्कृति को टिकी रहना हैं, जीवंत रहना है, तो उसे परिपूर्ण होना आवश्यक है. ‘परिपूर्ण’ का अर्थ यह है कि उस संस्कृति को मानवीय मन का सर्वांगीण विचार करना चाहिए, समाज की इच्छाओं का विचार करना…