- कदेर के जंगल में BSF की 133वीं वाहिनी को मिले भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और माओवादी दस्तावेज
- जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए थे हथियार, संचार उपकरण, डिजिटल सामग्री
- बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही 44 BGL शेल को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया
- स्थायी शांति के लिए क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी
समग्र समाचार सेवा
नारायणपुर, 18 जुलाई :माओवादी हिंसा से मुक्त घोषित किए जा चुके छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक बार फिर सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। क्षेत्र में चलाए जा रहे निरंतर सर्चिंग अभियान के तहत BSF की 133वीं वाहिनी की टीम ने ग्राम कदेर के जंगल में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में हथियार, संचार उपकरण और माओवादी दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को सोनपुर स्थित BSF की 133वीं वाहिनी को सूचना मिली कि कदेर के जंगल में संदिग्ध सामग्री छिपाई गई है। बम निरोधक दस्ते (BDS) के साथ टीम ने इलाके की घेराबंदी कर खुदाई की। जमीन के भीतर से हथियारों का बड़ा जखीरा, 44 BGL शेल (24 बड़े, 20 छोटे), संचार उपकरण और डिजिटल सामग्री बरामद हुई।
विस्फोटकों की संवेदनशीलता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते ने सभी 44 BGL शेल को मौके पर ही निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। बाकी बरामद सभी सामग्रियों को जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा है कि भले ही नारायणपुर को माओवादी हिंसा से मुक्त घोषित कर दिया गया हो, लेकिन सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा। इसका उद्देश्य माओवादियों द्वारा छिपाए गए बचे-खुचे हथियारों और विस्फोटकों को ढूंढ निकालना और क्षेत्र में स्थायी शांति कायम रखना है।
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