- क्रूड ऑयल की कीमतों में 3 महीने की सबसे बड़ी गिरावट
- ब्रेंट क्रूड 88.36/बैरल,WTI82.61/बैरल
- अमेरिका-ईरान तनाव में कमी, रूस-चीन की भूमिका
- भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीद
- आम आदमी को महंगाई से राहत मिलने की संभावना
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 28 जुलाई :सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में 8.7% की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले 3 महीने की सबसे बड़ी गिरावट है। ब्रेंट क्रूड का दाम अपने उच्चतम स्तर 102/बैरलसेटूटकरफिलहाल88.36/बैरल पर आ गया है। इसी तरह, अमेरिकी WTI क्रूड भी 7.5% गिरकर $82.61/बैरल पर पहुंच गया।
तेल सस्ता क्यों हुआ ?
- अमेरिका-ईरान के बीच बीते दो दिन से सैन्य कार्रवाई पर रोक और कूटनीतिक बातचीत की वजह से पश्चिम एशिया में तनाव कम हुआ।
- ओमान की मध्यस्थता में वार्ता के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।
- रूस के ब्लैक सी टर्मिनल से तेल का निर्यात फिर शुरू हो गया है, जो हाल में ड्रोन हमलों से प्रभावित था।
- चीन ने भी अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता में पुनः मध्यस्थता की कोशिशें तेज की हैं, जिससे बाजार को राहत मिली है।
भारत पर असर:
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) का इम्पोर्ट बिल कम होगा और पेट्रोल-डीजल के दाम घटने की संभावना है।
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