समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 31 मई :दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट शनिवार शाम एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह जाने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। प्रशासन और राहत एजेंसियां पिछले 16 घंटे से अधिक समय से मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक दस से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, जिसके चलते राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद मलबे के नीचे से लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की और प्रशासन को तत्काल सूचना दी। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार, जिस इमारत के ढहने की घटना हुई, उसमें एक कोचिंग संस्थान, कैफे और कई कार्यालय संचालित हो रहे थे। बताया जा रहा है कि हादसे के
समय इमारत की ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य भी चल रहा था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि निर्माण संबंधी गतिविधियों और संरचनात्मक कमजोरियों के कारण यह दुर्घटना हुई हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इमारत पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई और उसके गिरने से पास स्थित एक टीन शेड कैंटीन भी क्षतिग्रस्त हो गई, जहां अक्सर मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र आते-जाते थे।
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्माण मानकों या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बचाव दल का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर केंद्रित है।
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