राष्ट्रपति मुर्मु को छह देशों के दूतों ने सौंपे परिचय-पत्र
- भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में छह देशों के नवनियुक्त दूतों से अपने परिचय-पत्र स्वीकार किए।
- इस दौरान दक्षिण सूडान, संयुक्त अरब अमीरात, नाइजीरिया, मोल्दोवा, जर्मनी और स्वीडन के राजदूतों तथा उच्चायुक्तों ने आधिकारिक रूप से अपना पदभार संभाला।
- राष्ट्रपति भवन में संपन्न हुए इस उच्चस्तरीय कूटनीतिक कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के साथ इन मित्र देशों के द्विपक्षीय संबंधों और कूटनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करना है।
नई दिल्ली: भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में कूटनीतिक और कूटनीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण और गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज, 24 अगस्त 2026 को आयोजित एक विशेष औपचारिक समारोह में दुनिया के छह प्रमुख देशों से आए राजदूतों और उच्चायुक्तों से उनके परिचय-पत्र स्वीकार किए। इस उच्चस्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से भारत और इन मित्र देशों के बीच आपसी सहयोग, कूटनीतिक संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को एक नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
किन देशों के राजनयिकों ने प्रस्तुत किए परिचय-पत्र?
इस विशेष कूटनीतिक समारोह में छह अलग-अलग देशों के शीर्ष राजनयिकों ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर अपने आधिकारिक परिचय-पत्र (Credentials) प्रस्तुत किए। इन देशों में मुख्य रूप से अफ्रीकी, मध्य पूर्वी और यूरोपीय देश शामिल हैं, जो भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। परिचय-पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रमुख राजनयिकों की सूची इस प्रकार है:
दक्षिण सूडान गणराज्य: महामहिम श्रीमती सितोना अब्दल्ला उस्मान, जिन्होंने दक्षिण सूडान गणराज्य की राजदूत के रूप में अपने दस्तावेज सौंपे।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE): महामहिम श्री अब्दुल्ला सैफ अली स्लेम अल नु आइमी, जो संयुक्त अरब अमीरात के नए राजदूत के रूप में भारत में कार्यभार संभालेंगे।
नाइजीरिया फेडरल रिपब्लिक: महामहिम श्री मुहम्मद सैदू दाहिरु, जिन्होंने नाइजीरिया के उच्चायुक्त के रूप में परिचय-पत्र प्रस्तुत किए।
मोल्दोवा गणराज्य: महामहिम श्रीमती इंगा इओनेसिई, जो मोल्दोवा गणराज्य की राजदूत के रूप में नियुक्त की गई हैं।
जर्मनी फेडरल रिपब्लिक: महामहिम डॉ. येस्पर वीक, जिन्होंने जर्मनी के राजदूत के तौर पर आधिकारिक शुरुआत की।
स्वीडन: महामहिम सुश्री पेत्रा मेनेंडर, जिन्होंने स्वीडन की नई राजदूत के रूप में अपने दस्तावेज सौंपे।
द्विपक्षीय संबंधों और कूटनीति को मिलेगी नई ऊर्जा
परिचय-पत्र स्वीकार करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी नवनियुक्त राजदूतों और उच्चायुक्तों का भारत की धरती पर औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर संक्षिप्त बातचीत के दौरान भारत और इन देशों के बीच पारंपरिक संबंधों, आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी, व्यापारिक समझौतों और वैश्विक मंचों पर आपसी तालमेल को लेकर चर्चा की गई। भारत हमेशा से ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साथ दुनिया के सभी देशों के साथ शांतिपूर्ण और मजबूत रिश्ते बनाए रखने पर जोर देता रहा है। इन देशों के साथ राजनयिकों की यह नई नियुक्तियां भविष्य में आपसी सहयोग के नए द्वार खोलेगी।
राष्ट्रपति भवन में संपन्न हुआ भव्य औपचारिक समारोह
भारत में किसी भी विदेशी राजदूत या उच्चायुक्त के आधिकारिक कार्यकाल की शुरुआत राष्ट्रपति भवन में होने वाले इस परिचय-पत्र प्रस्तुति समारोह के साथ ही होती है। इस प्रोटोकॉल के तहत, जब कोई नया राजनयिक भारत आता है, तो वह सबसे पहले देश की राष्ट्रपति के समक्ष अपने परिचय-पत्र प्रस्तुत करता है, जिसके बाद वह अपने संबंधित दूतावास में औपचारिक रूप से कामकाज संभालता है। इस आयोजन में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत किया और उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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