- ED ने पूर्व IAS अरविंद जोशी और टीनू जोशी से जुड़े ₹22.46 करोड़ के परिसंपत्तियों को किया अटैच।
- भोपाल स्थित क्रिकेट अकादमी, होटल, रिसॉर्ट और जमीन कार्रवाई के दायरे में।
- मामला आय से अधिक ₹41.87 करोड़ की संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा।
- ED की कार्रवाई PMLA के तहत, लोकायुक्त की FIR के आधार पर की गई।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 2 जुलाई : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मध्य प्रदेश कैडर के दिवंगत पूर्व IAS अधिकारी अरविंद जोशी और उनकी पत्नी एवं पूर्व IAS अधिकारी टीनू जोशी से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ₹22.46 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
ED के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों में भोपाल के सेमरी बज्याफत गांव स्थित एक क्रिकेट अकादमी, होटल, रिसॉर्ट तथा उनसे संबंधित भूमि शामिल है। जांच एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां कथित अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।
यह मामला मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज उस FIR से जुड़ा है, जिसमें अरविंद जोशी और टीनू जोशी पर वर्ष 1979 से 2010 के बीच अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक, लगभग ₹41.87 करोड़ की चल एवं अचल संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था। इसी FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान ED को कथित तौर पर ऐसे वित्तीय लेनदेन और निवेशों के साक्ष्य मिले, जिनके माध्यम से अवैध आय को विभिन्न परिसंपत्तियों में लगाया गया। एजेंसी का दावा है कि धन के स्रोत को छिपाने के लिए कई स्तरों पर निवेश और संपत्तियों का उपयोग किया गया।
इस मामले में ED पहले भी कई बार कार्रवाई कर चुकी है। इससे पहले भी जोशी परिवार से जुड़ी करोड़ों रुपये की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है और विशेष PMLA अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत भी दायर की गई है। ताजा कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।
ED का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यदि आगे और अवैध संपत्तियों या वित्तीय लेनदेन का पता चलता है तो अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है। एजेंसी अब इस पूरे मामले में जुड़े अन्य व्यक्तियों और निवेशों की भी जांच कर रही है।
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