मध्य प्रदेश से राज्यसभा जाएंगे हरदीप सिंह पुरी, तय हुआ रास्ता
भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए बनाया अपना उम्मीदवार।
- हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से लड़ेंगे राज्यसभा उपचुनाव।
- एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर बीजेपी ने दिया टिकट।
- केंद्रीय मंत्रिमंडल में हरदीप सिंह पुरी का बने रहना हुआ तय।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 अक्तूबर: भारतीय राजनीति और केंद्र सरकार के कामकाज को लेकर एक बेहद अहम और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) को मध्य प्रदेश से होने वाले राज्यसभा उपचुनाव (Rajya Sabha Bypoll) के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (Central Election Committee) द्वारा उनके नाम पर मुहर लगाए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद में हरदीप सिंह पुरी की निरंतरता और उनका मंत्री पद सुरक्षित बना रहेगा।
यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब हाल ही में उत्तर प्रदेश से उनका मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल पूरा होने वाला था और पार्टी द्वारा यूपी में उतारे गए नए उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं होने के कारण उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर मिला टिकट
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की यह सीट पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन (L. Murugan) के इस्तीफे और उनके उच्च सदन की सदस्यता छोड़ने के कारण रिक्त हुई थी। मुरुगन के इस्तीफे के बाद निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने इस सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया है, जिसके तहत 12 नवंबर 2026 को मतदान और उसी दिन मतगणना संपन्न होगी।
चूंकि हरदीप सिंह पुरी का उत्तर प्रदेश से पिछला कार्यकाल इसी नवंबर माह में समाप्त होने जा रहा था, ऐसे में संसद के उच्च सदन में उनकी उपस्थिति बनाए रखने के लिए पार्टी ने मध्य प्रदेश की इस रिक्त सीट को सबसे उपयुक्त माना। बीजेपी के इस फैसले से साफ हो गया है कि पार्टी अपने अनुभवी और वरिष्ठ मंत्रियों को संसद के दोनों सदनों के माध्यम से शासन और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका में बनाए रखना चाहती है।
संभावित नामांकन और चुनावी प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी आगामी 31 अक्टूबर को भोपाल पहुंचकर मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय में अपना आधिकारिक नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
इस उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर तय की गई है, जबकि 3 नवंबर को पत्रों की छंटनी (Scrutiny) होगी। उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपने नाम वापस ले सकते हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा और उसी दिन शाम को चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। चूंकि मध्य प्रदेश विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के पास प्रचंड बहुमत है, इसलिए हरदीप सिंह पुरी का निर्विरोध या आसानी से राज्यसभा के लिए निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है।
मंत्रिमंडल में बने रहने और ऊर्जा क्षेत्र के फैसलों को मिलेगी निरंतरता
हरदीप सिंह पुरी देश के एक जाने-माने पूर्व राजनयिक (IFS) रहे हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र समेत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व किया है। राजनीति में आने के बाद उन्होंने मोदी सरकार में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को बेहद कुशलता के साथ निभाया है।
वर्तमान में वे देश के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री के रूप में वैश्विक ऊर्जा बाजार की उथल-पुथल के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में कई बड़े नीतिगत कदम उठा रहे हैं। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की उम्मीदवारी पक्की होने से उनके पास अपने मंत्रालयों के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त समय और राजनीतिक संबल दोनों मिल गए हैं।
निष्कर्ष
भारतीय जनता पार्टी द्वारा हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार बनाए जाने का निर्णय पार्टी के भीतर प्रशासनिक निरंतरता और अनुभवी नेतृत्व को प्राथमिकता देने की नीति को दर्शाता है। इस कदम से सभी राजनीतिक अटकलों पर विराम लग गया है और पुरी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में बने रहने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
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