भारत : डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति नेशनल हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस की शुरुआत
मरीजों और डॉक्टरों को होगा सीधा लाभ
- BHTS और CLCI के लॉन्च से भारत के स्वास्थ्य सेक्टर में एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड्स की सुविधा मिलेगी।
- मरीज का हेल्थ डेटा अब देशभर में एक समान कोडिंग और टर्मिनोलॉजी में उपलब्ध रहेगा।
- इससे इलाज में देरी, डुप्लीकेट टेस्ट और फाइलिंग एरर जैसी समस्याएं कम होंगी।
- हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के लिए रोगी की संपूर्ण मेडिकल हिस्ट्री देखना और बेहतर इलाज देना आसान होगा।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 6 जुलाई : भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत नेशनल हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस (BHTS) और कॉमन लैब कोड्स फॉर इंडिया (CLCI) की शुरुआत की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने इस नई व्यवस्था का उद्घाटन किया, जो भारत के स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल बदलाव में मील का पत्थर साबित होगी।
अब देश के किसी भी कोने में मरीज का मेडिकल रिकॉर्ड एक ही भाषा और कोडिंग सिस्टम में दर्ज रहेगा, जिससे डॉक्टरों और अस्पतालों के लिए मरीज की संपूर्ण मेडिकल हिस्ट्री तक तुरंत पहुंच संभव हो सकेगी। इससे न केवल इलाज में तेजी आएगी, बल्कि अनावश्यक टेस्ट और डुप्लीकेट रिपोर्टिंग की समस्या भी कम होगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर EHR स्टैंडर्ड्स के सहयोग से लागू की गई यह सेवा न केवल मरीजों के लिए फायदेमंद है, बल्कि डॉक्टरों और अस्पतालों के लिए भी काम को बेहद आसान बना देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत के हेल्थकेयर सिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
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