5G NET : नेट न्यूट्रैलिटी (इंटरनेट समानता) नियमों की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू

  • सरकार 5G नेटवर्क स्लाइसिंग जैसी नई तकनीकों के लिए नेट न्यूट्रैलिटी नियमों की समीक्षा कर रही है।
  • टेलीकॉम कंपनियों को विशेष सेवाओं (गेमिंग, हेल्थकेयर, स्मार्ट फैक्ट्री) के लिए अलग-अलग इंटरनेट स्पीड व दरें तय करने की मिली छूट।
  • TRAI को संदर्भ भेजा गया—नेट न्यूट्रैलिटी नियमों में बदलाव या स्पष्टीकरण के लिए सुझाव मांगे गए।
  • सरकार ने भरोसा दिलाया—इंटरनेट मुक्त रहेगा, किसी वेबसाइट/कंटेंट को वरीयता या भेदभाव नहीं मिलेगा, कड़े सेफगार्ड लागू होंगे।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 31 जुलाई : सरकार ने देश में 5G नेटवर्क स्लाइसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए नेट न्यूट्रैलिटी (इंटरनेट समानता) नियमों की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को अब स्पेशल सर्विसेज—जैसे गेमिंग, हेल्थकेयर, ऑटोनोमस व्हीकल्स, स्मार्ट फैक्ट्री आदि—के लिए अलग-अलग इंटरनेट स्पीड और दरें तय करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

फिलहाल लागू नेट न्यूट्रैलिटी नियम के तहत टेलीकॉम ऑपरेटर किसी भी कंटेंट, वेबसाइट या सेवाओं के साथ स्पीड या प्रायोरिटी के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकते। लेकिन 5G स्लाइसिंग के चलते अब अलग-अलग यूज़ के लिए वर्चुअल नेटवर्क तैयार करना मुमकिन है, जिससे कंपनियां ग्राहकों को उनकी जरूरत के हिसाब से सर्विस दे सकती हैं।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया, “TRAI को इस विषय पर सुझाव देने के लिए रेफरेंस भेजा गया है कि किन नियमों में बदलाव या स्पष्टीकरण जरूरी हैं।” अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि—”इंटरनेट पूरी तरह फ्री रहेगा, किसी वेबसाइट या कंटेंट को प्रायोरिटी नहीं मिलेगी, न ही ‘वॉल्ड गार्डन’ जैसी स्थिति बनाई जाएगी।”

यूरोपियन यूनियन समेत कई देशों में नेट न्यूट्रैलिटी नियमों की समीक्षा चल रही है, वहीं अमेरिका में अब फेडरल स्तर पर नेट न्यूट्रैलिटी नियम नहीं हैं, हालांकि कई राज्यों में अपने नियम हैं।

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