जयपुर में जाली नोटों का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

बजाज नगर थाना पुलिस और सीएसटी की बड़ी कार्रवाई, आगामी निकाय चुनाव में इस्तेमाल होने थे लाखों के नकली नोट।

  • जयपुर पुलिस और सीएसटी (CST) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया है।
  • आरोपियों के कब्जे से 500-500 रुपये के कुल ₹4,30,500 के जाली नोट और दो लग्जरी गाड़ियां (स्कॉर्पियो व फॉर्च्यूनर) बरामद की गई हैं।
  • शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन नकली नोटों को आगामी नगर निगम चुनावों में खपाने की साजिश रची जा रही थी।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर एक बड़े अपराध को अंजाम देने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जयपुर कमिश्नरेट की स्पेशल टीम (CST) और बजाज नगर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से एक अंतरराज्यीय जाली नोट गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से भारी मात्रा में नकली मुद्रा बरामद की गई है। इस खुलासे के बाद से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है।

करोड़ों की नहीं बल्कि ₹4.30 लाख की खेप बरामद

पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से कुल ₹4,30,500 के जाली नोट बरामद किए गए हैं। ये सभी नोट 500-500 रुपये के मूल्यवर्ग के हैं। पुलिस ने कुल 861 नकली नोट जब्त किए हैं। इसके साथ ही, तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो लग्जरी गाड़ियां—स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर—भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस पूरे गिरोह का संचालन करने वाला मुख्य सरगना अमन राणा है, जो फिलहाल बांग्लादेश से इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है।

आगामी नगर निगम चुनाव में खपाने की थी योजना

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस जाली नोटों की खेप को बांग्लादेश के रास्ते भारत लाया गया था और इसे राजस्थान में होने वाले आगामी नगर निगम चुनावों के दौरान बाजार में खपाने की पूरी तैयारी थी। चुनाव के समय नकदी की बढ़ती मांग और सरगर्मी का फायदा उठाकर आरोपी इस अवैध मुद्रा को अर्थव्यवस्था में इंजेक्ट करना चाहते थे। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस सिंडिकेट की फंडिंग कहां से हो रही थी और इसमें और कौन-कौन से स्थानीय चेहरे शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और सियासी कनेक्शन

इस मामले में पुलिस ने जिन चार आरोपियों को दबोचा है, उनमें अंशुल, प्रियांशु और आकाश शामिल हैं जो हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं, जबकि चौथा आरोपी साहिल चौधरी सीकर के फतेहपुर का निवासी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक साहिल चौधरी के कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता का बेटा होने की बात भी सामने आ रही है, जिसके चलते यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है।

पुलिस की सतर्कता और आगे की कार्रवाई

आगामी चुनावों के मद्देनजर पुलिस पहले से ही सतर्क मुद्रा में थी और लगातार नाकाबंदी व गश्त की जा रही थी। इसी मुस्तैदी के चलते पुलिस को सटीक इनपुट मिला और इस बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश संभव हो पाया। पुलिस अब इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रही है कि इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी के नेटवर्क के तार देश के अन्य हिस्सों में किन-किन लोगों से जुड़े हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस मामले में और भी खुलासे होने की उम्मीद है और जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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