कर्नाटक MLC चुनाव: कांग्रेस का सूपड़ा साफ, चारों सीटों पर NDA का कब्ज़ा

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस को लगा करारा झटका, बीजेपी-जेडीएस (NDA) गठबंधन ने चारों सीटों पर फहराया परचम।

  • कर्नाटक विधान परिषद चुनाव की सभी 4 सीटों पर NDA की शानदार जीत।
  • बेंगलुरु शिक्षक सीट से 5 बार के दिग्गज विधायक पुट्टन्ना हारे।
  • कांग्रेस को तगड़ा झटका, बीजेपी ने 3 और जेडीएस ने 1 सीट पर कब्जा किया।

समग्र समाचार सेवा
बेंगलुरु, 28 अक्तूबर: कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्य की चार विधान परिषद (MLC) सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों में विपक्षी बीजेपी-जेडीएस (NDA) गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह से पछाड़ दिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने चारों सीटों पर जीत हासिल कर क्लिन स्वीप किया है, जिससे राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को गहरा झटका लगा है।

23 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुए मतदान के बाद 27 और 28 अक्टूबर को हुई वोटों की गिनती में एनडीए प्रत्याशियों ने लगातार बढ़त बनाए रखी और अंततः सभी चार स्नातक (Graduates) तथा शिक्षक (Teachers) निर्वाचन क्षेत्रों में विजय प्राप्त की।

बेंगलुरु शिक्षक सीट पर सबसे बड़ा उलटफेर: दिग्गज पुट्टन्ना की हार

इन नतीजों में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला उलटफेर बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Bengaluru Teachers’ Constituency) में देखने को मिला। इस सीट से 5 बार विधान परिषद सदस्य (MLC) रह चुके और कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवार पुट्टन्ना को शिकस्त का सामना करना पड़ा। जेडीएस (JD-S) के प्रत्याशी ए. पी. रंगनाथ (A. P. Ranganath) ने एक कड़े मुकाबले में पुट्टन्ना को 908 प्रथम वरीयता मतों के अंतर से हरा दिया।

ए. पी. रंगनाथ को कुल 10,810 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के पुट्टन्ना 9,902 वोटों पर ही सिमट गए। पुट्टन्ना पूर्व में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे, लेकिन इस बार एनडीए के संयुक्त प्रयास और सहानुभूति लहर के आगे वे अपनी सीट बचाने में नाकाम रहे।

तीन अन्य सीटों पर बीजेपी का शानदार प्रदर्शन

बेंगलुरु की शिक्षक सीट के अलावा बाकी तीन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों ने अपना वर्चस्व कायम रखा:

वेस्ट ग्रेजुएट्स (West Graduates’) सीट: बीजेपी उम्मीदवार एस. वी. संकनूर (S. V. Sankanur) ने तीसरी बार लगातार जीत दर्ज करते हुए इतिहास रचा। उन्होंने कांग्रेस के मोहन लिंबिकाई को 9,323 मतों के भारी अंतर से पराजित किया।

नॉर्थ-ईस्ट टीचर्स (North-East Teachers’) सीट: बीजेपी के शशील जी. नामोशी (Shashil G. Namoshi) ने अपनी सीट बरकरार रखी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों से हराया।

साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट्स (South-East Graduates’) सीट: इस सीट पर भी बीजेपी के के. एम. सुरेश (K. M. Suresh) ने शानदार जीत दर्ज कर एनडीए के खाते में चौथी सीट जोड़ दी।

एनडीए का जश्न, कांग्रेस में समीक्षा का दौर

इस शानदार जीत पर कर्नाटक बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र और जेडीएस नेता व केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने प्रसन्नता जताई है। नेताओं ने कहा कि यह नतीजा राज्य की जनता द्वारा कांग्रेस सरकार के कुशासन, मूल्य वृद्धि और प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ दिया गया सीधा जनादेश है। एनडीए नेताओं का मानना है कि यह जीत आने वाले स्थानीय निकायों और विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए यह नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। 80% से अधिक मतदान वाले इन स्नातक और शिक्षक क्षेत्रों में मिली हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व के भीतर आत्ममंथन और आंतरिक मतभेदों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

निष्कर्ष

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की भावी राजनीति का रुख स्पष्ट कर दिया है। बीजेपी और जेडीएस के बीच का यह सफल गठबंधन और वोट-ट्रांसफर क्षमता आगामी राजनीतिक बहसों का केंद्र रहेगी, वहीं कांग्रेस को अपने गढ़ को मजबूत करने के लिए नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.