नशा मुक्त भारत के लिए निर्णायक रणनीति: एनकॉर्ड की 9वीं बैठक में अमित शाह का सख्त संदेश

ड्रग्स के खिलाफ तीन साल का महाअभियान: एनकॉर्ड बैठक में केंद्र का रोडमैप

  • 2029 तक सभी विभागों को रोडमैप और निगरानी तंत्र बनाने के निर्देश
  • सप्लाई चेन तोड़ने, डिमांड घटाने और हार्म रिडक्शन की त्रिस्तरीय रणनीति
  • ड्रग्स के किंगपिन, फाइनेंसर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई पर जोर
  • 31 मार्च 2026 से देशभर में ड्रग्स के खिलाफ तीन वर्षों का संयुक्त अभियान

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली |10 जनवरी: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 9वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के अमृतसर कार्यालय का उद्घाटन भी किया। बैठक में केंद्र और राज्यों के प्रमुख हितधारकों तथा ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हाइब्रिड मोड में भाग लिया।

नार्को-टेरर से जुड़ी है चुनौती

अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि यह नार्को-टेरर से जुड़ा गंभीर षड्यंत्र है, जो आने वाली पीढ़ियों को नुकसान पहुंचाता है। युवाओं का स्वास्थ्य, उनकी सोच, कार्यक्षमता और सामाजिक असंतोष सीधे तौर पर इससे प्रभावित हो रहे हैं।

तीन साल का संयुक्त अभियान

अमित शाह ने घोषणा की कि 31 मार्च 2026 से देशभर में तीन वर्षों का सामूहिक अभियान चलाया जाएगा। इसमें सभी स्तंभों केंद्र, राज्य और एजेंसियों की स्पष्ट कार्यपद्धति तय होगी, लक्षांक निर्धारित किए जाएंगे और समयबद्ध समीक्षा होगी।

रूथलेस–स्ट्रेटेजिक–ह्यूमन अप्रोच

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए रूथलेस अप्रोच, डिमांड रिडक्शन के लिए स्ट्रेटेजिक अप्रोच और नशा पीड़ितों के लिए ह्यूमन अप्रोच अपनाई जाएगी। ड्रग्स बनाने और बेचने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं होगी, जबकि पीड़ितों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखा जाएगा।

परिणाम आधारित समीक्षा

उन्होंने कहा कि अब बैठकों की संख्या नहीं, बल्कि उनके परिणाम और प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा। ड्रग्स कारोबार के किंगपिन, फाइनेंसर और लॉजिस्टिक्स रूट्स पर कार्रवाई की समीक्षा होगी। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) के बेहतर उपयोग, समय पर चार्जशीट और सजा दर बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी।

आंकड़ों में बड़ी सफलता

गृह मंत्री ने बताया कि 2004–2013 के बीच जहां 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य की 26 लाख किलोग्राम ड्रग्स जब्त हुई थी, वहीं 2014–2025 के दौरान 1.71 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 1.11 करोड़ किलोग्राम ड्रग्स पकड़ी गई। सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ अभियान और ड्रग्स डिस्पोजल में 11 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

स्थायी व्यवस्था और तकनीकी समन्वय

हर राज्य में पुलिस ‘मिशन मोड’ में स्थायी टीम बनाएगी, जो इंटेलिजेंस और एआई के साथ बेहतर समन्वय करेगी। डीजीपी और आईजीपी को ड्रग विनिष्टीकरण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

2047 के लक्ष्य से जुड़ा संकल्प

अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के 2047 तक भारत को अग्रणी राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं को ड्रग्स से सुरक्षित रखना अनिवार्य है। यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है और इसे शीर्ष प्राथमिकता के साथ जीता जाएगा।

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