प्रधानमंत्री मोदी : राष्ट्र प्रथम सरकार ने राष्ट्रीय नायकों को उचित सम्मान दिया

प्रधानमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

समग्र समाचार सेवा 

नई दिल्ली, 7 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि “राष्ट्र प्रथम” के सिद्धांत से संचालित सरकार यह सुनिश्चित करती है कि राष्ट्रीय नायकों को वह सम्मान मिले, जिसके वे हकदार हैं।

प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. मुखर्जी को एक दूरदर्शी राष्ट्र निर्माता बताया, जिनकी भारत की एकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि मुखर्जी की 125वीं जयंती पर देशभर में आयोजित हो रहे कार्यक्रम सरकार की उनके प्रति सम्मान की भावना को दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री ने डॉ. मुखर्जी के “दो संविधान, दो प्रधानमंत्री और दो झंडे” के विचार के विरोध को याद किया और कहा कि उनके राष्ट्रीय एकता के विचार को अनुच्छेद 370 हटाकर साकार किया गया।

शिक्षा और संस्थान निर्माण में डॉ. मुखर्जी के योगदान को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि उनका मानना था कि राष्ट्र निर्माण मजबूत संस्थानों से शुरू होता है। उन्होंने चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स, सिंदरी फर्टिलाइजर प्लांट, दामोदर घाटी निगम और आईएफसीआई जैसे संस्थानों की नींव रखने का श्रेय डॉ. मुखर्जी को दिया, जिससे भारत का औद्योगिक और आर्थिक विकास मजबूत हुआ।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, डॉ. मुखर्जी की भारतीय भाषाओं और संस्कृति आधारित शिक्षा की सोच को दर्शाती है। उन्होंने युवाओं से “विकसित भारत” के लिए समर्पण और राष्ट्रीय सेवा की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।

भौगोलिक संदर्भ:
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुआ था और उन्होंने अपने राजनीतिक व शैक्षिक जीवन में भारत के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर पूर्वी भारत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिन संस्थानों की स्थापना उन्होंने की, वे भारत के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में स्थित हैं, जैसे:

  • चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स – पश्चिम बंगाल
  • सिंदरी फर्टिलाइजर प्लांट – झारखंड
  • दामोदर घाटी निगम – झारखंड/पश्चिम बंगाल क्षेत्र

इस प्रकार, डॉ. मुखर्जी का योगदान सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों के विकास में भी महत्वपूर्ण रहा।

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