समग्र समाचार सेवा,
नई दिल्ली, 24 मई: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ बड़ा खुलासा किया है। ईडी ने अपने आरोपपत्र में दावा किया है कि यंग इंडियन लिमिटेड को बड़ी राशि दान में दिलवाने के लिए कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं पर दबाव डाला गया।
एजेंसी का आरोप है कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी, यंग इंडियन लिमिटेड के माध्यम से किए गए दान से सीधे लाभान्वित हुए हैं। आरोपों के अनुसार, इन दोनों नेताओं ने केवल 50 लाख रुपये में 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर नियंत्रण हासिल किया।
दानदाताओं की सूची और ईडी का दावा
ईडी के अनुसार, यंग इंडियन लिमिटेड ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) से 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति केवल 50 लाख रुपये में प्राप्त की। इस लेन-देन से मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के गंभीर संकेत मिलते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस ट्रांजेक्शन में तेलंगाना से बड़ी राशि का योगदान हुआ।
साल 2022 में, कांग्रेस के चार नेताओं ने यंग इंडियन को 80 लाख रुपये से अधिक दान दिए। कहा जा रहा है कि ये सभी दान तत्कालीन विधायक रेवंत रेड्डी के निर्देश पर किए गए थे।
प्रमुख दानदाताओं के नाम
- गली अनिल कुमार, 2019 के लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार — ₹20 लाख
- अली शब्बीर, पूर्व विधायक — ₹20 लाख
- पी सुदर्शन, तेलंगाना कांग्रेस कोषाध्यक्ष — ₹15 लाख
- तेलंगाना कांग्रेस के तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष — ₹25 लाख (सबसे बड़ा एकल दान)
ये सभी दान मात्र एक महीने के भीतर किए गए। ईडी की जांच अब कर्नाटक और पंजाब में भी फैल चुकी है, जहां इसी तरह के दान के पैटर्न सामने आए हैं।
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