नीरज कुमार का अनंत सिंह पर तंज- ‘कहाँ है रे गुंजन…’

पटना स्नातक MLC सीट जीतकर JDU के नीरज कुमार ने गाड़ा झंडा, बाहुबली अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर कस दिया करारा तंज।

  • पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार ने जीत दर्ज की।
  • बाहुबली अनंत सिंह पर नीरज कुमार ने कसा तीखा तंज।
  • पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण अनंत सिंह 6 साल के लिए निष्कासित।

समग्र समाचार सेवा
पटना, 28 अक्तूबर: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के तहत सबसे चर्चित और हॉट मानी जाने वाली पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (Patna Graduate Constituency) के नतीजे घोषित हो चुके हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस सीट पर एक बार फिर से ऐतिहासिक जीत हासिल की है। यह पटना स्नातक सीट पर उनकी लगातार चौथी जीत है।

इस बहुचर्चित चुनावी मुकाबले में नीरज कुमार ने न केवल विपक्ष (महागठबंधन और जन सुराज) को शिकस्त दी, बल्कि अपनी ही पार्टी से निष्कासित बाहुबली नेता और मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह द्वारा दी गई चुनौती को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। चुनावी नतीजे आने के बाद नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में खुलकर अपनी खुशी जाहिर की और जनबल तथा कार्यकर्ता बल के सामने धनबल-बाहुबल के झुकने का दावा किया।

नीरज कुमार का अनंत सिंह के अंदाज में तीखा पलटवार

चुनावी परिणाम घोषित होने और जीत पक्की होने के तुरंत बाद जब पत्रकारों ने नीरज कुमार से पूछा कि विरोधियों द्वारा जीत के दावे के साथ जो मिठाइयां बनवाई गई थीं उनका क्या हुआ, तो नीरज कुमार ने बेहद चुटीले और तंज भरे अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने बाहुबली अनंत सिंह के ही मशहूर लहजे की नकल करते हुए कहा:

“कहाँ है रे गुंजन… ले जो मिठाइयाँ!”

नीरज कुमार ने आगे प्रहार करते हुए कहा, “जो लोग खुद ज़मानत पर बाहर घूम रहे हैं, वे दूसरों की ज़मानत ज़ब्त कराने का दावा कर रहे थे। विरोधियों ने जो मिठाइयां बनवाई थीं, उनमें नमक था। जनता ने लोकतंत्र में धनबल और रंगदारी की राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है।”

अनंत सिंह और JDU के बीच तल्खी और निष्कासन का घटनाक्रम

उल्लेखनीय है कि पटना स्नातक सीट के चुनाव प्रचार के दौरान जेडीयू के भीतर बड़ा घमासान देखने को मिला था। मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह ने पार्टी लाइन से अलग हटकर जन सुराज (Jan Suraaj) के प्रत्याशी डॉ. अनुज कुमार का खुलकर समर्थन किया था। अनंत सिंह एक बड़े गाड़ियों के काफिले के साथ अनुज कुमार के नामांकन में शामिल हुए थे और सार्वजनिक मंचों से नीरज कुमार को हराने व उनकी जमानत जब्त कराने का दावा किया था।

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व (केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह) द्वारा समझाने-बुझाने की कोशिशों के बावजूद जब अनंत सिंह नहीं माने, तो चुनाव संपन्न होने के तुरंत बाद जनता दल (यूनाइटेड) ने उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

पार्टी से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह का दांव पड़ा उल्टा

पार्टी से निष्कासित होने के बाद अनंत सिंह ने बयान दिया था कि उन्हें जेडीयू से निकाले जाने का कोई फर्क नहीं पड़ता और आगामी चुनावों में जेडीयू 10 सीटों पर सिमट जाएगी। मतगणना के दिन सुबह से ही अनंत सिंह के समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा था और यह दावा किया जा रहा था कि जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह की जीत पक्की है, जिसके लिए मिठाइयां तक बनवाई गई थीं।

हालांकि, जब वोटों की गिनती शुरू हुई तो नीरज कुमार ने प्रथम वरीयता के मतों से ही निर्णायक बढ़त बना ली और अंततः शानदार जीत हासिल की। हार के बाद अनंत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में स्वीकार किया कि नतीजे चौंकाने वाले हैं, लेकिन उन्होंने नीरज कुमार को बधाई देने से इनकार कर दिया।

निष्कर्ष

पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार की इस जीत ने बिहार जेडीयू में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नए संगठनात्मक प्रयासों के दबदबे को एक बार फिर साबित कर दिया है। बाहुबली अनंत सिंह के विरोध के बावजूद मिली यह जीत दर्शाती है कि स्नातक वर्ग के शिक्षित मतदाताओं ने विकास और प्रशासनिक स्थिरता के मुद्दे पर अपना वोट दिया है।

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