बार्सिलोना: विकसित भारत 2047 भारतीय प्रवासियों का योगदान

समग्र समाचार सेवा
स्पेन, बार्सिलोना 10 जुलाई : बार्सिलोना स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने  10 जुलाई को “विकसित भारत 2047 में भारतीय प्रवासियों की भूमिका” विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा का आयोजन किया । यह कार्यक्रम समग्र विकास न्यास के सहयोग से  द्वारा आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के आरंभ में दूतावास के एक अधिकारी ने वक्ताओं का परिचय कराया और पैनल चर्चा की रूपरेखा प्रस्तुत की। चर्चा में भारतीय प्रवासियों के बहुआयामी योगदान, नवाचार, निवेश, और भारत के विकास में उनकी केंद्रीय भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया।

 

डॉ. आलोक लाहड़ , वरिष्ठ पत्रकार और व्यवसायी ने कार्यक्रम  को आगे बढ़ाते हुए ,  आंकड़ों के साथ बताया कि भारतीय प्रवासी समुदाय ने भारत को गत वर्ष भारत को  130 से 135 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार में  योगदान दिया है, जो टाटा जैसी देशी कंपनियों के लाभ से भी कहीं अधिक है। डॉ. लाहड़ ने बताया, “एनआरआई न केवल प्रत्यक्ष निवेश को प्रोत्साहित कर सकते हैं, बल्कि अपने तकनीकी ज्ञान और अनुभव को भारतीय युवाओं से साझा करके देश के कौशल विकास में भी योगदान दे सकते हैं।” उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्माण, और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग, युवा स्टार्टअप्स को प्रायोजित करना और महिलाओं को सशक्त बनाना जैसे विषयों पर भी बात की ।

डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह (वरिष्ठ  वैज्ञानिक, बार्सिलोना) डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा, “भारतीय प्रवासी समुदाय विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहा है। वैज्ञानिक, उद्यमी, मार्गदर्शक या सांस्कृतिक दूत के रूप में विदेशों में बसे भारतीय नवाचार को आगे बढ़ाते हैं, सहयोग को प्रोत्साहित करते हैं और तकनीक, शिक्षा व व्यवसाय में भारत की प्रगति का समर्थन करते हैं। उनके निवेश, विशेषज्ञता और वैश्विक दृष्टिकोण से देश समृद्ध होता है, जबकि युवाओं को मार्गदर्शन देने, स्टार्टअप्स को सहयोग देने और भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करने के प्रयास भारत और विश्व के बीच सेतु का कार्य करते हैं। प्रत्येक छोटा-बड़ा योगदान समृद्ध, नैतिक और समावेशी भारत के सपने को मजबूत करता है। 2047 तक, प्रवासी समुदाय की भागीदारी भारत को ज्ञान, नैतिकता और आत्मविश्वास से युक्त वैश्विक नेतृत्व दिलाने में अहम होगी।”

 

डॉ. कुमार राकेश ने भारत  सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों—जैसे, आधारभूत संरचना, डिजिटल इंडिया, और पारदर्शी शासन—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से विकसित भारत 2047 का सपना साकार करना संभव है। डॉ. कुमार राकेश ने विस्तार से बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत सरकार ने आधारभूत संरचना, डिजिटल इंडिया और पारदर्शी शासन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि देशभर में नए राजमार्ग, रेलवे, एयरपोर्ट और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं से कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मजबूती मिली है। डिजिटल इंडिया पहल ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ते हुए प्रशासन और सेवाओं में पारदर्शिता व दक्षता लाई है। तकनीक के इस्तेमाल से भ्रष्टाचार कम हुआ है और नागरिकों को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ मिल रहा है। ये सब मिलकर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने की मजबूत नींव बनाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में एक संक्षिप्त प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने वक्ताओं से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

समारोह का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक, प्रवासी समुदाय का सहयोग देश को विश्व स्तर पर और अधिक सशक्त, नवोन्मेषी, और समावेशी बनाएगा।

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