समग्र समाचार सेवा
पटना, 26 सितंबर: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक मंच पर ऑनलाइन दिखाई दिए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ (Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana) का शुभारंभ किया और 75 लाख से ज्यादा महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
महिलाओं के खाते में सीधा पैसा
पीएम मोदी ने कहा, “आज से ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ शुरू हो रही है। 75 लाख बहनों के खाते में सीधे 10-10 हजार रुपये भेजे गए हैं। पहले योजना का पैसा हड़प लिया जाता था, लेकिन अब तकनीक और पारदर्शिता से हर एक रुपया सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगा। यह जनधन योजना की सफलता का परिणाम है।”
LIVE : PM Shri @narendramodi launches Bihar's Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana. #रफ्तार_पकड़_चुका_बिहार https://t.co/66kyTsKMdT
— BJP (@BJP4India) September 26, 2025
‘दो भाई’ मोदी और नीतीश
प्रधानमंत्री ने महिलाओं से कहा, “एक भाई तब ही खुश होता है जब उसकी बहन स्वस्थ और खुशहाल हो। आज आपके दो भाई, नरेंद्र और नीतीश, मिलकर आपके लिए काम कर रहे हैं।” उन्होंने जीविका दीदियों की भूमिका को भी सराहा और भरोसा जताया कि बिहार की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा ‘लखपति दीदी’ बनेंगी।
लालटेन राज बनाम कानून का राज
पीएम मोदी ने राजद और लालू यादव के शासनकाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राजद के राज में अराजकता और नक्सली आतंक ने बिहार को डर में जीने पर मजबूर किया था। बेटियों को सुरक्षा नहीं थी। अब नीतीश कुमार के नेतृत्व में कानून का राज लौटा है और बेटियां बेखौफ बाहर निकल रही हैं।”
नीतीश का पलटवार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू परिवार पर हमला करते हुए कहा, “पहली सरकारें केवल परिवार को देखते थे। 7 साल बाद खुद हटे तो पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। जनता के लिए क्या किया?” उन्होंने महिला सुरक्षा और भागीदारी को अपनी प्राथमिकता बताया।
उज्ज्वला योजना और महिलाओं की जिंदगी में बदलाव
पीएम मोदी ने उज्ज्वला योजना का जिक्र किया और बताया कि पहले महिलाएं लकड़ी के चूल्हे के धुएँ में बीमार होती थीं। उज्ज्वला योजना ने न केवल रसोई बल्कि महिलाओं का स्वास्थ्य और जीवन भी उज्जवल किया।
बिहार में पीएम मोदी और नीतीश कुमार के संयुक्त संदेश ने साफ कर दिया कि आगामी चुनाव में महिला सशक्तिकरण मुख्य एजेंडा होगा। मोदी सरकार योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत कर रही है, वहीं नीतीश कुमार लालू परिवार पर हमला बोलकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में लगे हैं।
कुल मिलाकर यह कार्यक्रम केवल योजना की शुरुआत नहीं बल्कि चुनावी संदेश भी माना जा रहा है, जिसमें सबसे बड़ा दांव महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण पर खेला गया है।
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