प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.93 लाख नए घरों को मंजूरी

उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक आवास

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 1.93 लाख से अधिक नए मकान स्वीकृत।

  • उत्तर प्रदेश को 73,182 और बिहार को 52,866 मकानों की मंजूरी।

  • योजना के अंतर्गत कुल स्वीकृत आवासों की संख्या 20.80 लाख पहुंची।

  • 97 प्रतिशत आवास महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में आवंटित।

समग्र समाचार सेवा 

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर :केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत 1.93 लाख से अधिक अतिरिक्त आवासों को मंजूरी दी है। यह निर्णय 16 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की दसवीं बैठक में लिया गया। शहरी गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में फैसला

बैठक की अध्यक्षता आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास विभाग के सचिव सत्येंद्र सिंह ने की। नई स्वीकृतियों के बाद योजना के अंतर्गत कुल मंजूर आवासों की संख्या 20.80 लाख हो गई है।

उत्तर प्रदेश और बिहार को बड़ी हिस्सेदारी

सरकार के अनुसार, 11 राज्यों में पात्र शहरी परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश को 73,182, बिहार को 52,866, तेलंगाना को 18,120, पश्चिम बंगाल को 16,559 और गुजरात को 14,290 आवास मिले हैं।

इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम के लिए भी आवास स्वीकृत किए गए हैं।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर

मंत्रालय ने बताया कि योजना के अंतर्गत 97 प्रतिशत आवास महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में आवंटित किए गए हैं।

यह व्यवस्था महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देने और परिवारों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से जुड़ी है।

एक करोड़ परिवारों को आवास देने का लक्ष्य

सितंबर 2024 में शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत एक करोड़ अतिरिक्त शहरी गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।

पात्र परिवारों को घर बनाने या खरीदने के लिए निर्धारित शर्तों के अंतर्गत ₹2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

हालांकि आवासों की स्वीकृति और वास्तविक निर्माण पूरा होने में अंतर होता है। इसलिए योजना की सफलता का आकलन समय पर निर्माण, गुणवत्ता और लाभार्थियों को आवास हस्तांतरण के आधार पर भी किया जाएगा।

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