राहुल गांधी की माफी यात्रा — “माफी वीर”राहुल गांधी

पूनम शर्मा
राहुल गांधी, भारतीय राजनीति के प्रमुख नेता, कई बार कोर्ट में सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। “माफी वीर” के रूप में जाने जाने वाले राहुल गांधी ने अपने कई विवादास्पद बयानों के लिए माफी दी है, जो उनकी कानूनी चुनौतियों और पश्चाताप की भावना को दर्शाता है। माफ़ी के प्रमुख मामले2012 से 2026 तक राहुल गांधी ने विभिन्न मानहानि मामलों और विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगी है। इनमें आरएसएस को “आतंकवादी संगठन” कहना, भाजपा कार्यकर्ताओं को “गुंडा” कहना, और सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी देना शामिल है। मुख्य माफी के मामले –

आरएसएस मानहानि केस (अहमदाबाद कोर्ट, 2012)
आतंकवादी संगठन कहने पर माफी।

भाजपा कार्यकर्ता मानहानि (लखनऊ कोर्ट, 2013)
भाजपा कार्यकर्ताओं को “गुंडा” कहने पर माफी।

सुषमा स्वराज मानहानि (दिल्ली कोर्ट, 2013)
सुषमा स्वराज पर “जातिवादी” टिप्पणी के लिए माफी।

यूपी मंत्री मानहानि (इलाहाबाद कोर्ट, 2015)
मंत्री को “भ्रष्ट” कहने पर माफी।

अमेठी निवासी मामला (एमपी/एमएलए कोर्ट, 2018)
अमेठी निवासी की भावनाएं आहत करने पर माफी।

मोदी उपनाम टिप्पणी (सुप्रीम कोर्ट, 2019)
मोदी उपनाम पर माफी।

राफेल / “चौकीदार चोर है” अनादर केस (सुप्रीम कोर्ट, 2019)
सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी।

कार्तिकेय सिंह चौहान मानहानि (एमपी हाई कोर्ट, 2026)
पैनामा पेपर्स टिप्पणी को गलती बताते हुए बिना शर्त माफी।

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