राहुल गांधी पहुंचे पुंछ: पाक गोलीबारी पीड़ितों से की मुलाकात, कहा – ‘आपका दर्द मेरा भी है’

समग्र समाचार सेवा,

पुंछ, जम्मू-कश्मीर, 24 मई: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर हुए सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान ने कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। इस हमले में जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में दर्जनों घर क्षतिग्रस्त हो गए और कई निर्दोष नागरिक मारे गए।

इन पीड़ितों से कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज शनिवार को पुंछ में मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों का हालचाल जाना और उनका दुःख साझा किया।

पाक गोलीबारी से प्रभावितों से राहुल गांधी की मुलाकात

राहुल गांधी शनिवार सुबह जम्मू एयरपोर्ट पहुंचे, और फिर हेलीकॉप्टर से पुंछ रवाना हुए। वहां उन्होंने पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की, साथ ही गुरुद्वारा, मंदिर, मदरसा और एक मिशनरी स्कूल का भी दौरा किया, जो इस हमले में क्षतिग्रस्त हो गए थे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक हमीद कर्रा ने बताया, “राहुल गांधी पहले ऐसे राष्ट्रीय नेता हैं जो सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे मिले और उनका दर्द समझा।”

गुरुद्वारा, मंदिर और मदरसा भी जाएंगे राहुल

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पुंछ में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा का दौरा किया. पाकिस्तान की ओर से सीमापार से की गई गोलीबारी में गुरुद्वारा क्षतिग्रस्त हो गया था.

उनकी इस यात्रा से पहले कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर यूनिट के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बताया, “राहुल गांधी एक गुरुद्वारे, एक मंदिर, एक मदरसे के अलावा एक ईसाई मिशनरी स्कूल सहित फायरिंग से प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. साथ ही वह शोकसंतप्त परिवारों और नागरिक समाज के लोगों से भी मिलेंगे.”

उन्होंने यह भी कहा, “राहुल पहले ऐसे राष्ट्रीय नेता हैं जो प्रभावित आबादी के प्रति एकजुटता व्यक्त करने और उनका दर्द साझा करने के लिए उनके पास पहुंचे.”

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सैन्य संघर्ष

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और PoK में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई में तोप, मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए पुंछ सहित अन्य सीमावर्ती जिलों पर हमला किया गया।

इन हमलों में 28 भारतीय नागरिकों की जान गई, जिनमें से 13 पुंछ जिले के थे। 70 से अधिक लोग घायल हुए और हजारों परिवारों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी।

राहुल की एकजुटता

राहुल गांधी की यह यात्रा उनके संवेदनशील नेतृत्व और पीड़ितों के साथ खड़े होने के संकेत के रूप में देखी जा रही है। इससे पहले भी वह श्रीनगर में घायलों से मिलने पहुंचे थे, और जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक नेतृत्व से भी मुलाकात की थी।

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