आरएसएस : किसी से द्वेष नहीं,संवाद के लिए हमेशा तैयार, सुनील आंबेकर

  • संघ किसी व्यक्ति, समुदाय या विचारधारा से शत्रुता नहीं रखता।
  • भारत और संघ को लेकर विदेशों में फैली गलत धारणाओं को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
  • युवा पीढ़ी (Gen Z) देश और लोकतंत्र के प्रति आशावादी तथा प्रतिबद्ध है।
  • संघ का मानना है कि समाज के सभी वर्गों के साथ निरंतर संवाद आवश्यक है।
  • विदेशों में संवाद बढ़ाने पर फोक

समग्र समाचार सेवा
महाराष्ट्र नागपुर , 30 मई : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनील अंबेकर जी  ने कहा है कि राजनीतिक स्वार्थों के कारण संघ के बारे में अक्सर गलत धारणाएं और भ्रामक जानकारियां फैलायी जाती हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि संघ किसी से द्वेष नहीं करता और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के साथ संवाद स्थापित करने में विश्वास रखता है।

नागपुर के सिविल लाइंस स्थित चिटनाविस सेंटर में आयोजित पत्रकारों और संपादकों के विशेष संवाद कार्यक्रम में उन्होंने संघ की 100 वर्ष की यात्रा, सामाजिक योगदान और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार रखे। कार्यक्रम में विदर्भ प्रांत संघचालक दीपक दंशतवीर  तथा नागपुर महानगर संघचालक राजेश लोया  भी उपस्थित रहे।

भारत को हिंदू राष्ट्र मानता है संघ

सुनील आंबेकर ने कहा कि संघ की स्थापना से ही यह विचार रहा है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है। उनका कहना था कि यदि हिंदू समाज संगठित और सशक्त होगा तो इसका लाभ केवल हिंदुओं को ही नहीं, बल्कि मुस्लिम, ईसाई और अन्य सभी समुदायों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत का कल्याण विश्व के कल्याण से जुड़ा हुआ है और इसी कारण समाज की एकता और सशक्तिकरण आवश्यक है।

संविधान और सामाजिक समरसता पर जोर

उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक समूह समाज को जातीय और वैचारिक आधार पर विभाजित करने का प्रयास करते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने डॉ. B. R. Ambedkar के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके मूल चिंतन को सही संदर्भ में समझने की आवश्यकता है। आंबेकर ने कहा कि संघ सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है।

आंबेकर ने कहा कि दुनिया के कई देशों में भारत और संघ के बारे में सीमित जानकारी है। इस कारण संघ विभिन्न देशों के बुद्धिजीवियों, सामाजिक नेताओं और पत्रकारों के साथ संवाद बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज के एक वर्ग ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूरी बना ली है और संघ उन्हें अपनी परंपराओं तथा पहचान से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

युवाओं में देश के प्रति विश्वास

उन्होंने कहा कि जहां दुनिया के कई देशों में युवा वर्ग असंतोष के कारण सड़कों पर उतर रहा है, वहीं भारत की Gen Z पीढ़ी लोकतंत्र और देश के भविष्य पर भरोसा रखती है। उनके अनुसार यह पीढ़ी विकास, नवाचार और शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास करती है।

पश्चिम बंगाल में संघ का विस्तार

पश्चिम बंगाल से जुड़े प्रश्न के उत्तर में आंबेकर ने कहा कि राज्य में संघ का कार्य लंबे समय से चल रहा है और वहां बड़ी संख्या में प्रचारक सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि संघ के संस्थापक केशव बलीराम हेडगेवार  की शिक्षा कोलकाता में हुई थी और बाद के सभी सरसंघचालकों ने भी पश्चिम बंगाल में संगठन विस्तार के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रचारकों के समर्पण और त्याग के कारण वहां समाज में व्यापक जागरूकता विकसित हुई है।

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