RTI कार्यकर्ता :अभिजीत डीपके की जाँच

अभिजीत डीपके की अमेरिकी पढ़ाई की फंडिंग और CJP के कानूनी फंड पर RTI कार्यकर्ता ने जांच की मांग की

  • सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता ने अभिजीत डीपके के पिता की आय और अमेरिकी शिक्षा फंडिंग की जाँच  की माँग  की।
  • कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा ₹1 करोड़ के कानूनी फंड की भी जाँच  की माँग ।
  • चुनाव आयोग, महाराष्ट्र सरकार और जीएसटी विभाग को शिकायतें भेजी गईं।

समग्र समाचार सेवा

सूरत/मुंबई, 2 अगस्त :सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डीपके की अमेरिकी शिक्षा और उनके पिता की संपत्ति की जांच की मांग उठाई है। तिवारी ने दावा किया कि अभिजीत के पिता भगवानराव डीपके महाराष्ट्र सरकार के सेवानिवृत्त जूनियर इंजीनियर हैं, जिनकी मासिक आय ₹60,000-₹65,000 के बीच थी। ऐसे में सवाल उठता है कि वे अपने बेटे की अमेरिकी शिक्षा का खर्च कैसे उठा सके।

तिवारी ने कहा, “मैंने महाराष्ट्र सरकार को शिकायत की है कि भगवानराव डीपके के आय-संसाधनों और संपत्ति के अनुपात को जांचा जाए। अगर यह आय से अधिक संपत्ति का मामला है, तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” अभिजीत डीपके बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्नातक हैं और हाल ही में भारत लौटकर CJP द्वारा शुरू किए गए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे हैं।

इसके अलावा, कार्यकर्ता ने CJP द्वारा दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के लिए घोषित ₹1 करोड़ के कानूनी सहायता फंड की भी जांच की मांग की है। वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा इस फंड की घोषणा की गई थी। तिवारी ने चुनाव आयोग और केंद्रीय जीएसटी विभाग को भी पत्र लिखा है, जिसमें पूछा गया है कि क्या CJP, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकृत है।

तिवारी का कहना है, “कॉकरोच जनता पार्टी एक अपंजीकृत इकाई है, लेकिन राजनीतिक दल की तरह काम कर रही है। अगर इसे ₹1 करोड़ का कानूनी रक्षा कोष मिला है, तो चुनाव आयोग को इसकी वैधता की जांच करनी चाहिए।”

इस पूरे मामले पर सरकार और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया आना बाकी है, लेकिन आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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