समग्र समाचार सेवा,
मुंबई: 24 मई: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शनिवार को बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए कहा कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के साथ गठबंधन को लेकर सकारात्मक सोच रखती है। राउत ने स्पष्ट कहा कि मराठी समुदाय के हित में दोनों दलों को एक साथ आने पर विचार करना चाहिए।
मराठी मानुस के लिए एकजुटता की पहल
राउत ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, “मराठी लोगों के हित में राज ठाकरे के साथ गठबंधन के बारे में उद्धवजी का दृष्टिकोण ‘मनसे’ और ‘दिल से’ है।”
यह बयान उस वक्त आया है जब महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। इन चुनावों में मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक और नागपुर जैसे बड़े शहर शामिल हैं।
उद्धव-राज में सुलह के संकेत
पिछले महीने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सुलह की अटकलें तेज हुई थीं। करीब दो दशक से दोनों के रिश्तों में तल्खी रही है, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि कुछ मुद्दों को दरकिनार कर मराठी अस्मिता के लिए ये दोनों दल एक मंच पर आ सकते हैं।
मनसे की शर्त – ठोस प्रस्ताव चाहिए
मनसे नेता संदीप देशपांडे ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “अगर शिवसेना (यूबीटी) गठबंधन चाहती है तो उन्हें ठोस प्रस्ताव के साथ आगे आना होगा। पिछली बार जो हुआ वो हमारे लिए विश्वासघात जैसा था।”
देशपांडे के बयान से साफ है कि मनसे अब कोई जल्दबाज़ी नहीं करना चाहती और केवल गंभीर राजनीतिक प्रस्ताव मिलने पर ही गठबंधन को मंजूरी दी जाएगी।
गठबंधन से बदलेगा महाराष्ट्र का समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर शिवसेना (यूबीटी) और मनसे साथ आते हैं तो बीजेपी और शिंदे गुट के लिए मुंबई और अन्य मराठी बहुल इलाकों में चुनौती बढ़ सकती है। मराठी वोटों का एकजुट होना चुनावी समीकरण को जबरदस्त रूप से बदल सकता है।
नजरें अब उद्धव-राज की अगली मुलाकात पर टिकी हैं। क्या पुरानी दुश्मनी खत्म होगी और ‘मराठी मानुस’ के लिए नया गठबंधन बनेगा?
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