सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर हमला, उठाए गंभीर सवाल

बीजेपी सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कर्नाटक मंत्री सतीश जारकीहोली के बयान का हवाला देते हुए राहुल गांधी के दावों को बताया बेबुनियाद, 1 नवंबर की दिल्ली रैली पर कसा तंज।

  • कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने SIR प्रक्रिया को बताया सही।
  • सुधांशु त्रिवेदी बोले- कांग्रेस शासित राज्यों में ही हिली झूठ की नींव।
  • 1 नवंबर की दिल्ली रैली की तारीख और 1984 के बयान पर साधा निशाना।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30 अक्तूबर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision – SIR) और कथित विसंगतियों को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा आगामी 1 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित की जाने वाली महारैली से ठीक पहले भाजपा ने कांग्रेस के अपने ही नेताओं के विरोधाभासी बयानों को लेकर घेराबंदी तेज कर दी है।

भाजपा प्रवक्ता ने कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सतीश जारकीहोली के हालिया बयान को आधार बनाते हुए कहा है कि जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में है, वहीं पर राहुल गांधी के दावों और ‘झूठ की बुनियाद’ पूरी तरह हिलती हुई नजर आ रही है।

कांग्रेस नेताओं के बयानों से बेनकाब हुआ राहुल गांधी का रुख—सुधांशु त्रिवेदी

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत संदेश साझा करते हुए कांग्रेस पार्टी की आंतरिक विरोधाभासी स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि केरल के पूर्व गृह मंत्री रमेश चेन्निथला और केरल से ही वरिष्ठ सांसद डॉ. शशि थरूर के बाद अब कर्नाटक सरकार के मंत्री सतीश जारकीहोली ने भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उनके राज्य में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया से जुड़ा कोई गंभीर मुद्दा या अनियमितता नहीं है।

सुधांशु त्रिवेदी ने मंत्री सतीश जारकीहोली के बयान को उद्धृत करते हुए बताया कि कर्नाटक में मतदाता सूची से जो नाम हटाए गए हैं, वे केवल उन लोगों के हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो स्थानांतरित (Shifted) हो गए हैं या फिर जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस पार्टी की आपत्तियां दूसरे राज्यों से जुड़ी हो सकती हैं, न कि कर्नाटक से। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जब कांग्रेस के ही मुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ सांसद प्रक्रिया को पारदर्शी बता रहे हैं, तो राहुल गांधी का केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगाना केवल राजनीतिक नौटंकी है।

1 नवंबर की दिल्ली रैली की तारीख पर तीखा हमला और 1984 के नरसंहार का जिक्र

अपनी प्रतिक्रिया में डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस द्वारा 1 नवंबर को नई दिल्ली में बुलाई गई विरोध रैली की तारीख के चयन पर भी बेहद कड़ा ऐतराज जताया और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के विवादित बयान की याद दिलाई।

त्रिवेदी ने कहा— “सिखों के दर्दनाक नरसंहार की बरसी के दिन यानी 1 नवंबर को दिल्ली में प्रदर्शन और रैली करने पर आमादा राहुल गांधी को इतिहास याद रखना चाहिए। उनके पिता स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों के समय ‘जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है’ जैसा असंवेदनशील और अत्यंत निंदनीय बयान दिया था।”

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि 1984 के सिख नरसंहार की इस दुखद बरसी वाले दिन रैली आयोजित करना कांग्रेस पार्टी की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सिख समाज के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय कांग्रेस अपनी विफल राजनीतिक जमीन को तलाशने के लिए इस दिन का इस्तेमाल कर रही है।

विपक्ष की बंटी हुई राय और संवैधानिक संस्थाओं पर राजनीति

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष और स्वायत्त संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की पुरानी आदत बन चुकी है। जब भी चुनाव के नतीजे या प्रक्रियाएं विपक्ष के अनुकूल नहीं होतीं, वे प्रक्रियात्मक खामियों का बहाना बनाने लगते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि केरल से लेकर कर्नाटक तक कांग्रेस के परिपक्व नेता इस बात को समझ रहे हैं कि मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण एक सामान्य और कानूनन अनिवार्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके बावजूद नई दिल्ली में रैली करके भ्रम फैलाना कांग्रेस की हताशा को साफ जाहिर करता है।

निष्कर्ष

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी के इस आक्रामक हमले के बाद एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज हो गया है। 1 नवंबर की प्रस्तावित दिल्ली रैली से ठीक पहले बीजेपी द्वारा कांग्रेस के अपने ही कद्दावर नेताओं के बयानों को ढाल बनाकर किए गए इस हमले से कांग्रेस रक्षात्मक मुद्रा में आती दिख रही है।

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