- सरकार ने टीवी चैनलों पर प्रति घंटे 12 मिनट विज्ञापन की सीमा हटाई।
- अब चैनलों को विज्ञापन समय तय करने में अधिक स्वतंत्रता।
- प्रसारण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और डिजिटल बदलाव को देखते हुए फैसला।
- नया नियम राजपत्र में अधिसूचना के बाद लागू होगा।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 15अगस्त :देश के टेलीविजन दर्शकों के लिए विज्ञापन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने टीवी चैनलों के लिए प्रति घंटे अधिकतम 12 मिनट विज्ञापन की मौजूदा सीमा हटाने का फैसला किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि अब टीवी प्रसारकों को विज्ञापन अवधि तय करने में पहले से कहीं अधिक स्वतंत्रता मिलेगी, हालांकि संशोधित नियमों को राजपत्र में प्रकाशित किए जाने के बाद ही यह व्यवस्था औपचारिक रूप से लागू होगी।
अब तक ’10+2 नियम’ के तहत चैनलों को एक घंटे में 10 मिनट व्यावसायिक विज्ञापन और 2 मिनट अपने प्रचार के लिए ही अनुमति थी। यह सीमा 2006 में लागू की गई थी, जब देश में सिर्फ 62 चैनल थे और ज़्यादातर दर्शक एनालॉग केबल नेटवर्क पर निर्भर थे। अब 900 से अधिक चैनल, केबल टीवी का डिजिटलीकरण और OTT प्लेटफॉर्म के विकल्पों के चलते प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता विकल्प कई गुना बढ़ चुके हैं।
सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसी कोई सीमा नहीं है, इसलिए पारंपरिक चैनलों के लिए भी लचीलापन जरूरी है। हालांकि, कुछ समय पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने 12 मिनट की सीमा को जायज़ ठहराया था, लेकिन सरकार ने बदलते मीडिया परिदृश्य के मद्देनज़र यह बदलाव किया है।
अब चैनल विज्ञापनों की अवधि बढ़ाकर अतिरिक्त राजस्व कमा सकते हैं, लेकिन अत्यधिक विज्ञापन ब्रेक से दर्शकों के अनुभव पर असर पड़ सकता है। सरकार का तर्क है कि प्रतिस्पर्धा और दर्शकों की पसंद खुद ही संतुलन बनाएगी।
नई व्यवस्था के औपचारिक प्रकाशन के बाद ही चैनल अपने विज्ञापन ब्रेक में बदलाव कर सकेंगे, जिसका असर दर्शकों के देखने के अनुभव और उद्योग के कारोबार दोनों पर दिखेगा।
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