- झपटपारा का नाम रिकॉर्ड्स में इसलामपुरा दर्ज होने से विवाद।
- निवासियों को बिना सूचना के हुआ नाम परिवर्तन, पहचान संबंधी दिक्कतें।
- स्थानीय लोग प्रशासनिक पारदर्शिता और जिम्मेदारों की पहचान की मांग कर रहे हैं।
- दोनों समुदायों ने आपसी एकता बनाए रखने की अपील की।
समग्र समाचार सेवा
पाटन, गुजरात 14 जुलाई : पाटन जिले के झपटपारा इलाके के निवासियों को हाल ही में तब हैरानी हुई जब सरकारी सर्वे के दौरान पता चला कि उनकी पहचान और सरकारी दस्तावेजों में उनके क्षेत्र का नाम “इसलामपुरा” दर्ज है, जबकि वे इसे हमेशा झपटपारा के नाम से जानते आए हैं।
इस अचानक हुए प्रशासनिक बदलाव से स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की पहचान, दस्तावेज़ों और सरकारी कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निवासियों का कहना है कि न तो कोई सरकारी प्रस्ताव, न ही कोई स्थानीय निकाय का प्रस्ताव पारित हुआ, फिर भी रिकॉर्ड्स में नाम बदल गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऐतिहासिक रूप से यह इलाका हिंदू परिवारों का रहा है, लेकिन समय के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग यहाँ बस गए और अब बहुसंख्यक हो गए हैं। लोगों का मानना है कि इसी वजह से इलाके का नाम बदलकर इसलामपुरा कर दिया गया, जिससे विवाद बढ़ गया है।
निवासियों ने मांग की है कि यह जानना जरूरी है कि नाम किसने और किन दस्तावेजों के आधार पर बदला, और प्रशासनिक चूक कैसे हुई। साथ ही, बाहरी प्रवासियों की संख्या और प्रशासन में मिलीभगत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय निवासी इम्तियाज रहमान खान ने कहा, “यह सब जानबूझकर हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने के लिए किया जा रहा है। यहाँ दोनों समुदाय शांति से रहते हैं। हमारा इलाका हमेशा झपटपारा कहलाएगा, कभी इसलामपुरा नहीं। हम अधिकारियों से अपील करते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच करें।”
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