भारत और फ्रांस के विरोध प्रदर्शनों में अंतरराष्ट्रीय संबंध? Fox News का बड़ा दावा

 पूनम शर्मा

Fox News की यह बेहद गंभीर ब्रेकिंग रिपोर्ट है। विशेष रूप से भारत के लिए। जिस बात को हम लगातार कहते आ रहे हैं, उसी बात को Fox News ने ब्रेक किया है।

क्या फ्रांस में हाल के हिंसक विरोध प्रदर्शनों और भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध है? यह सवाल अमेरिकी समाचार माध्यम Fox News Digital की एक खोजी रिपोर्ट ने उठाया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फ्रांस की सड़कों पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों और भारत के चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे आंदोलन को एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय विरोध नेटवर्क के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

इसमें अंतरराष्ट्रीय पूंजीवाद-विरोधी संगठन Progressive International (PI) द्वारा 16 अक्टूबर को प्रकाशित एक ब्रीफिंग का उल्लेख किया गया है। Progressive International ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित उक्त ब्रीफिंग में फ्रांस, स्पेन, भारत और अल्बानिया में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को एक ही चर्चा के अंतर्गत रखा है। साथ ही यह सवाल उठाया है—

“क्या ये नए उभरते विद्रोह उन परिस्थितियों को बदलने के लिए पर्याप्त संगठित राजनीतिक शक्ति हासिल कर पाएंगे, जिन परिस्थितियों ने इन विद्रोहों को जन्म दिया है?”

इस टिप्पणी से विभिन्न देशों के विरोध प्रदर्शनों को एक व्यापक राजनीतिक आंदोलन से जोड़कर देखने की प्रवृत्ति स्पष्ट होती दिखाई देती है।

 Fox News की जांच में और कौन-सी जानकारियाँ सामने आई हैं?

Fox News Digital की 20 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट, जिसका शीर्षक “Global ‘Chaos Inc’ grows to 101 groups with plans for new rounds of demonstrations” है, में पत्रकार असरा क्यू. नोमानी ने 13 देशों में फैले 101 संगठनों के एक नेटवर्क का उल्लेख किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से कुछ संगठन विरोध प्रदर्शनों का आयोजन करने, समन्वय स्थापित करने अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रचार करने का काम करते हैं।

 Progressive International की भूमिका

16 अक्टूबर की ब्रीफिंग में Progressive International ने फ्रांस, स्पेन, भारत और अल्बानिया के विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा की है।

संगठन ने केवल विरोध प्रदर्शनों के कारणों का उल्लेख ही नहीं किया, बल्कि विभिन्न सामाजिक आंदोलनों, श्रमिक संगठनों और राजनीतिक शक्तियों के बीच सहयोग विकसित करने की बात भी कही है।

भारत के संदर्भ में संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार का मुद्दा उठाया है।

 भारत के CJP आंदोलन का वामपंथी संगठनों से संबंध

Progressive International की ब्रीफिंग में भारत की Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध कार्यक्रमों का भी उल्लेख है।

ब्रीफिंग के अनुसार, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में AISA, SFI और AISF जैसे तीन वामपंथी छात्र संगठनों के नेताओं के साथ भाग लिया था।

इसके अतिरिक्त, श्रमिकों और किसानों के अधिकारों के लिए काम करने वाले Mazdoor Kisan Shakti Sangathan (MKSS) के निखिल डे और Telangana Gig and Platform Workers Union के शेख सलाउद्दीन की उपस्थिति का भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है।

अर्थात, इस ब्रीफिंग से यह बात भी सामने आती है कि CJP का विरोध प्रदर्शन केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रहकर अन्य संगठित राजनीतिक और श्रमिक आंदोलनों के साथ सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Neville Roy Singham से जुड़े संगठनों का संदर्भ

Fox News की जांच में अमेरिका में जन्मे और चीन के शंघाई में रहने वाले प्रौद्योगिकी उद्यमी Neville Roy Singham का नाम भी सामने लाया गया है।

रिपोर्ट में Break Through News, CODEPINK और Party for Socialism and Liberation जैसे संगठनों के साथ Singham के वित्तीय या संगठनात्मक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि ये संगठन विभिन्न देशों के विरोध प्रदर्शनों का प्रचार और समर्थन करते रहे हैं।

 Indian Alliance Paris का संदर्भ

Fox News की पिछली खोजी रिपोर्ट में भी फ्रांस स्थित Indian Alliance Paris नामक संगठन का उल्लेख किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, यह संगठन फ्रांस और भारत के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े संदेशों के बीच संबंध स्थापित करता रहा है और न्यूयॉर्क स्थित The People’s Forum के साथ इसका सहयोग है। Fox News ने इन संबंधों का विश्लेषण एक अंतरराष्ट्रीय विरोध नेटवर्क के हिस्से के रूप में किया है।

 इस रिपोर्ट से क्या समझा जा सकता है?

इस विषय में तीन पहलुओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

पहला, वर्तमान सोशल मीडिया के युग में एक देश का आंदोलन दूसरे देश के संगठनों और कार्यकर्ताओं के बीच बहुत कम समय में प्रचारित हो सकता है।

दूसरा, समान राजनीतिक विचारधारा वाले संगठन विभिन्न देशों के आंदोलनों का समर्थन कर सकते हैं और उनके बीच सहयोग के संबंध विकसित हो सकते हैं। लेकिन ऐसे संबंधों के अस्तित्व और विरोध प्रदर्शनों के प्रत्यक्ष संचालन के बीच अंतर है।

तीसरा, Fox News की रिपोर्ट एक खोजी समाचार माध्यम का विश्लेषण है। इसमें लगाए गए प्रत्येक आरोप की स्वतंत्र प्रमाणों के आधार पर जांच करना आवश्यक होगा।

 क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है…

Fox News की इस रिपोर्ट को भारत को गंभीरता से लेना चाहिए। फ्रांस हो या भारत, इन अस्थिर परिस्थितियों के पीछे निश्चित रूप से एक अंतरराष्ट्रीय Ecosystem का हाथ है। सभी के मन में यह धारणा और मजबूत होती जा रही है। इसलिए Fox News की इस रिपोर्ट को भारत के संबंध में बहुत गंभीरता से लेने की आवश्यकता है ।

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