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विचार
सुरक्षा के चार मोर्चे: भारत की रक्षा चुनौतियों का विश्लेषण
भारत की सुरक्षा स्थिति कभी इससे पहले इतनी संवेदनशील और जटिल नहीं हो गई है। हमेशा पूर्व मुख्य रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि भारतीय सेना दो मोर्चों पर युद्ध की तैयारी करती है। ये दो मोर्चे चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध के…
साउथ में हिंदी भाषा के बारे में छिड़ा विवाद, दो धाकड़ एक्टरों के बीच हुई तकरार: क्या है इस विवाद की…
दक्षिण भारत में हिंदी भाषा पर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है, और अब यह विवाद सिनेमा के धाकड़ एक्टर्स तक फैल गया है।
तमिलनाडू और आंध्र प्रदेश राज्यों में हिंदी को एक आवश्यक भाषा के रूप में लागू करने की केंद्र सरकार की नीति के विरोध…
आध्यात्मिकता और आत्मज्ञान की यात्रा
आध्यात्म का अर्थ होता है श्रेष्ठ आत्म तत्व को जानना। यह उस शाश्वत सत्य की प्राप्ति है, जो हर जीव, हर कण और हर स्थान में व्याप्त है। यदि हम सच्चे अर्थों में आध्यात्मिक जीवन जीना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि हम पहले इस आत्म तत्व को जानें। यदि…
राष्ट्र स्वयंसेवक संघ का मुसलमान प्रेम- राजनीतिक तुष्टिकरण या कुछ और…….?
पूनम शर्मा
हाल ही में कन्नौज में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने एक खास आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल मुस्लिम समुदाय के बीच संगठन की गतिविधियों को साझा करना था, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकारी सदस्य इंद्रेश…
इतिहास में टीपू का स्थान: नायक या दुराचार?
-पूनम शर्मा
टीपू सुल्तान, जिसे 'शेर-ए-मैसूर' के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद व्यक्तित्व है । कुछ लोग उसे स्वतंत्रता संग्राम का नायक मानते हैं, जबकि वह अपनी क्रूरता और धार्मिक असहिष्णुता…
छावा -फिल्म – एक फिल्म ही नहीं ,सनातनी हिंदुओं के शौर्य व अद्मय साहस का महाकुंभ है!
डॉ राजेश्वर उनियाल
छावा फिल्म - केवल फिल्म न होकर हिंदुओं के शौर्य व अद्मय साहस का महाकुंभ है
बंधुओ, क्या आपने अपने जीवन में कभी कोई ऐसी फिल्म देखी है जिसमें फिल्म समाप्त हो गई हो, पर दर्शक अपनी सीटों से उठने का साहस नहीं कर पा रहे हों।…
जय छत्रपति शिवाजी महाराज
शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि,
फाल्गुन मास का वह दिन था
जब पवन ,पेड़,नदियाँ, समंदर
झीलें, तालाब ,वसुंधरा
खुशी से झूम उठा था अंबर ,
वह जिनके अवतरण का दिवस था ।
जगदम्बा की भेंट शिव स्वरूप मानो स्वयं,
शिव राजा बन कर आया था,…
जाको रही भावना जैसी-ईश्वरीय भक्ति के लिए या योगी आदित्यनाथ के लिए
*कुमार राकेश
भारत ही नहीं समस्त संसार में महाकुम्भ का माहौल हैं। भारत के अलावा संसार के कोने कोने से सनातनी हिन्दू 144 वर्षो के इस महासंयोग में स्वयं को पुण्य का भागी बनने के लिए प्रयागराज पहुँच रहे हैं।26 फ़रवरी 2025 तक 45 दिनो का…
सनातन हिंदुत्व धर्म,महाकुंभ स्नान के सही मायने !
कुमार राकेश
महाकुंभ स्नान का धार्मिक व्यू सामाजिक महत्व दोनों हैं ।लेकिन इसके पुण्य लाभ को कैसे प्राप्त करे , उसके लिए अपना सनातन हिंदुत्व दर्शन ही सार है । सनातन हिंदुत्व
का मतलब है वसुधैव कुटुंबकम् !
सबका साथ , सबका विकास ! समाज…
मंदिर मुक्ति आंदोलन की रणनीति के साथ महाकुंभ में संपन्न हुई विहिप की त्रि-दिवसीय बैठक
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,10 फरवरी। महाकुंभ शिविर, प्रयागराज। फरवरी 9, 2025। महाकुंभ मेला क्षेत्र स्थित विश्व हिंदू परिषद (विहिप) शिविर में चल रही त्रि-दिवसीय बैठक रविवार को इस संकल्प से साथ पूरी हो गई कि अब किसी भी स्थिति में हम मंदिरों…